
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर: नगरीय निकायों के अधिकारी-कर्मचारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने लागू हुई ई-अटेंडेंस प्रणाली के अच्छे परिणाम अब देखने मिल रहे हैं। जबलपुर नगर निगम में दो नवंबर से फेस रिकग्निशन यानी चेहरा पहचान बायोमेट्रिक तकनीक से उपस्थिति पर निगरानी रखी गई तो उन 32 कर्मचारियों की भी पोल खुल गई जो वर्षों से बिना सूचना गायब थे।
उन्होंने न तो छुट्टी का आवेदन दिया न ही अनुमति ली थी। मनमर्जी से ही कोई चार साल तो कोई नौ वर्षों से अनुपस्थित था। निगमायुक्त आरपी अहिरवार ने सभी को नोटिस जारी किए। 32 में से 23 ने तो ड्यूटी पर आना शुरू कर दिया है लेकिन नौ कर्मचारी अब भी गायब हैं।
इन कर्मचारियों को निलंबित कर उनकी सेवा समाप्ति की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। सख्ती के बाद उपस्थिति दर्ज कराने वाले 23 कर्मचारियों से भी जवाब मांगा जा रहा है यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उनके विरुद्ध भी निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। वर्षों से गायब रहने वाले कर्मचारियों में सबसे ज्यादा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी हैं।
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अनुपस्थिति के दौरान किसी भी कर्मचारी को वेतन-भत्ते का भुगतान नहीं किया गया।
-शिवांगी महाजन, सहायक आयुक्त व प्रभारी स्थापना शाखा, नगर निगम, जबलपुर