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जबलपुर में अब मनमानी दौड़ नहीं लगा सकेंगे ई-रिक्शा, पार्किंग-रूट समेत जोन और रंग कोडिंग होगी तय

प्रत्येक जोन में ई-रिक्शा के लिए निर्धारित रूट तय किए जाएंगे। संबंधित ई-रिक्शा को उसी जोन और निर्धारित रूट पर संचालन की अनुमति देने की व्यवस्था विकसित...और पढ़ें

By Pankaj TiwariEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 05:36:36 PM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 05:36:36 PM (IST)
जबलपुर में अब मनमानी दौड़ नहीं लगा सकेंगे ई-रिक्शा, पार्किंग-रूट समेत जोन और रंग कोडिंग होगी तय
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रिंकु शर्मा ने बताया कि ई-रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ने के कारण इनके संचालन को व्यवस्थित करना जरूरी हो गया है। प्रतीकात्‍मक चित्र

HighLights

  1. नौ हजार ई-रिक्शा के व्यवस्थित संचालन के लिए तैयारी
  2. यातायात और परिवहन विभाग का संयुक्त एक्शन प्लान
  3. प्रतिबंधित मार्गों को चिह्नित करने पर काम किया जा रहा

नईदुनिया प्रतिनिधि,जबलपुर। शहर में लगातार बढ़ते ई-रिक्शा के दबाव और इनके मनमाने रूट पर संचालन से बिगड़ रही यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए अब परिवहन और यातायात विभाग संयुक्त रूप से एक्शन प्लान तैयार कर रहे हैं।

जोन में बांटकर ई-रिक्शा के संचालन की रूपरेखा तैयार

शहर में संचालित करीब 9 हजार ई-रिक्शा को व्यवस्थित करने के लिए इनके रूट और संचालन क्षेत्र निर्धारित किए जाएंगे। इसके लिए शहर की यातायात व्यवस्था को जोन में बांटकर ई-रिक्शा के संचालन की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

ई-रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ रही है

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) रिंकु शर्मा ने बताया कि ई-रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ने के कारण इनके संचालन को व्यवस्थित करना जरूरी हो गया है। इसी उद्देश्य से यातायात और परिवहन विभाग के स्तर पर संयुक्त रूप से ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है। इसमें ई-रिक्शा के रूट निर्धारण के साथ उनके लिए निर्धारित क्षेत्र, पार्किंग स्थल और प्रतिबंधित मार्गों को चिह्नित करने पर काम किया जा रहा है।


तीन यातायात क्षेत्रों के हिसाब से बनेंगे जोन

प्रस्तावित व्यवस्था में शहर को तीन जोन में विभाजित करने की योजना है। इन जोन का निर्धारण तीन डीएसपी यातायात के क्षेत्रों के अनुरूप किए जाने पर सहमति बनी है। प्रत्येक जोन में ई-रिक्शा के लिए निर्धारित रूट तय किए जाएंगे।

सुविधा के अनुसार किसी भी मार्ग पर संचालन न करें

संबंधित ई-रिक्शा को उसी जोन और निर्धारित रूट पर संचालन की अनुमति देने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि ई-रिक्शा चालक अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी मार्ग पर संचालन न करें। निर्धारित रूट पर संचालन होने से प्रमुख मार्गों पर अनावश्यक रूप से ई-रिक्शा का दबाव कम करने और यातायात को सुचारु रखने में मदद मिलेगी।

रंग के आधार पर होगी पहचान

ई-रिक्शा को तीन अलग-अलग रंगों में वर्गीकृत करने की भी योजना है। प्रत्येक जोन के लिए अलग रंग निर्धारित किया जा सकता है। इससे सड़क पर ही ई-रिक्शा की पहचान करना आसान होगा कि वह किस जोन के लिए निर्धारित है। रंग कोडिंग लागू होने के बाद यातायात पुलिस और परिवहन विभाग के लिए भी नियमों का पालन सुनिश्चित कराना अपेक्षाकृत आसान होगा। निर्धारित जोन से बाहर संचालन करने वाले ई-रिक्शा की पहचान भी की जा सकेगी।

सड़क पर सवारी के इंतजार पर रोक

ई-रिक्शा की एक बड़ी समस्या सड़क पर सवारी के इंतजार में खड़े रहना है। इसके कारण कई स्थानों पर सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और यातायात प्रभावित होता है। प्रस्तावित एक्शन प्लान में ई-रिक्शा के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल बनाए जाने की योजना है।

चिन्हित स्थानों को भी ई-रिक्शा के लिए निर्धारित

बस स्टाप और अन्य चिन्हित स्थानों को भी ई-रिक्शा के लिए निर्धारित किया जाएगा। ई-रिक्शा चालक इन्हीं स्थानों पर सवारी का इंतजार कर सकेंगे। सड़क के बीच या यातायात प्रभावित करने वाले स्थानों पर खड़े होकर सवारी लेने की व्यवस्था को हतोत्साहित किया जाएगा।

कुछ मार्गों पर संचालन रहेगा प्रतिबंधित

यातायात दबाव वाले कुछ प्रमुख मार्गों और क्षेत्रों में ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित किए जाने की भी तैयारी है। परिवहन और यातायात विभाग ऐसे मार्गों और क्षेत्रों की सूची तैयार कर रहे हैं, जहां ई-रिक्शा के संचालन से यातायात व्यवस्था पर अधिक प्रभाव पड़ता है।

यातायात के दबाव को कम करना उद्देश्य

इन क्षेत्रों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद संबंधित मार्गों पर ई-रिक्शा के प्रवेश और संचालन को नियंत्रित करने की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य प्रमुख मार्गों पर यातायात के दबाव को कम करना और जाम की स्थिति को नियंत्रित करना है।

ब्लूप्रिंट में पांच प्रमुख बिंदु

विभागीय स्तर पर तैयार किए जा रहे प्रस्तावित ब्लूप्रिंट में मुख्य रूप से पांच बिंदुओं को शामिल किया जा रहा है।

जोन का निर्धारण

  • ई-रिक्शा के लिए निर्धारित रूट
  • तीन रंगों के माध्यम से जोन की पहचान
  • पार्किंग, बस स्टाप और सवारी प्रतीक्षा स्थल
  • ई-रिक्शा के लिए प्रतिबंधित मार्ग और क्षेत्र
  • यातायात व्यवस्था पर पड़ेगा सीधा असर

अलग-अलग मार्गों पर पहुंच जाते हैं अभी

करीब 9 हजार ई-रिक्शा का संचालन शहर की यातायात व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। वर्तमान में रूट और पार्किंग की स्पष्ट व्यवस्था नहीं होने से कई स्थानों पर ई-रिक्शा सड़क किनारे खड़े होकर सवारी का इंतजार करते हैं। साथ ही कई चालक यात्री मिलने की संभावना के अनुसार अलग-अलग मार्गों पर पहुंच जाते हैं।

पालन कराने के साथ नियमित निगरानी भी

यदि प्रस्तावित जोन, रूट और पार्किंग व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है तो ई-रिक्शा के संचालन को अधिक अनुशासित करने के साथ प्रमुख मार्गों पर इनके कारण बनने वाले यातायात दबाव को कम किया जा सकेगा। हालांकि योजना की सफलता के लिए निर्धारित रूट और पार्किंग का पालन कराने के साथ नियमित निगरानी भी महत्वपूर्ण होगी।

आरटीओ रिंकु शर्मा के अनुसार, योजना का उद्देश्य ई-रिक्शा चालकों को परेशान करना नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में संचालित हो रहे ई-रिक्शा को व्यवस्थित करना है। विभागीय स्तर पर तैयार प्रस्ताव को अंतिम रूप दिए जाने के बाद इसके अनुसार संचालन की व्यवस्था लागू करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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