
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जिले के नाराज किसानों ने सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर वाहन लेकर जिला मुख्यालय पर आकर हुंकार भरी। किसानों का कहना है कि धान की भावांतर की बजाय न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ही खरीदी सरकार को करना चाहिए।
ज्ञापन में किसानों ने फसल भुगतान में हो रही देरी, धान का समर्थन मूल्य 3100 प्रति क्विंटल किए जाने, बिजली व्यवस्था में सुधार, और किसानों के साथ हो रहे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने जैसी गंभीर समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने की मांग की है।
मझौली तहसील में धान, गेहूं और मूंग के भुगतान तथा पनागर तहसील के चंसोरिया, शुभी अक्षय एवं नर्मदा एग्रो वेयरहाउस के बकाया भुगतान को तत्काल जारी करने की मांग की गई है।
3100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी करने, प्रति एकड़ 25 क्विंटल सीमा तय करने और मंडियों में समर्थन मूल्य से नीचे बोली न लगाने की मांग रखी गई। खरीदी केंद्र वाले वेयरहाउसों को पहले खाली कराने की बात भी कही गई है।
जिलाध्यक्ष रामदास पटेल ने कहा कि किसानों को मंडी के भरोसे लुटने के लिए नहीं छोड़ना चाहिए। आज मंडिया किसानों के साथ लूट करने का माध्यम बनकर रह गई है। जिले के किसान अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला कलेक्टर को एक 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपेंगे।
हाइब्रिड बीज कंपनियों द्वारा बीएलबी और बीपीएच बीमारी रोधी बताने के बावजूद फसल खराब होने पर जांच कर संबंधित कंपनियों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई।
शहपुरा में किसानों का माल खरीदकर भुगतान न करने वाले व्यापारियों की शीघ्र गिरफ्तारी कराने तथा बकाया राशि दिलवाने की मांग की गई।
पराली निष्पादन के पर्याप्त साधन उपलब्ध होने तक किसानों पर एफआईआर और नोटिस की कार्रवाई रोकने, राजस्व मामलों का समय सीमा में निराकरण करने तथा 'किसान खेत सड़क योजना' को तुरंत शुरू करने की अपील की गई है।
मंडियों में बिचौलियों ने किसानों के नाम से उपज बेचने और फर्जी होल्ड से बचाने के लिए आधार कार्ड और फोटो स्कैन की व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया है। किसानों ने प्रशासन से इन सभी बिंदुओं पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए त्वरित निराकरण की गुहार लगाई है।
मझौली के रानीताल कटाव सबस्टेशन का निर्माण कार्य तेज कर इसे चालू करने तथा दिन में 12 घंटे कृषि बिजली देने की मांग की गई। साथ ही सिहोरा तहसील में अधिक भार वाले ट्रांसफार्मर बदलने की अपील की गई है।