जबलपुर के अधारताल स्टेशन के यार्ड में खड़ी ट्रेन से चोरी कर रहे थे तांबे का तार, आठ गिरफ्तार
अधारताल स्टेशन के यार्ड में खड़ी ट्रेनों के नीचे अंधेरे में घुसकर छह युवक लगातार अंडरगियर कॉपर वायरिंग काट रहे थे।
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 12:09:10 PM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 12:09:10 PM (IST)
HighLights
- टीम ने छह युवकों को वायरिंग काटते रंगेहाथ पकड़ा
- पकड़े गए आरोपितों में छह चोर और दो कबाड़ी
- तीन आरोपित पहले से आपराधिक रिकॉर्ड वाले
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। अधारताल स्टेशन के यार्ड में खड़ी ट्रेनों के नीचे अंधेरे में घुसकर छह युवक लगातार अंडरगियर कॉपर वायरिंग काट रहे थे। उन्हें शायद अंदाजा था कि खड़ी ट्रेन और यार्ड की निगरानी कमजोर होगी, लेकिन इस बार रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की नजर उन पर थी।
रविवार की रात जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी। टीम ने घेराबंदी की और छह युवकों को वायरिंग काटते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया।
तलाशी और पूछताछ के बाद जब चोरी के माल की खरीद-फरोख्त की कड़ी खंगाली गई तो दो कबाड़ियों के नाम सामने आए। सोमवार को उन्हें भी पकड़ लिया। उनके कब्जे और निशानदेही से चुराकर बेची गई रेल संपत्ति बरामद की गई।
आरोपितों में छह चोर और दो कबाड़ी
पकड़े गए वायरिंग चोरी के आरोपितों में हनुमानताल निवासी सोहिल खान उर्फ मोंटी (25), मोहम्मद आसिफ खान (22), गोहलपुर मोहम्मद तर्मीजी उर्फ सलमान (28), मोहम्मद नूरुद्दीन उर्फ नूरु (32), मोहम्मद सोनू (23) और मूलत: कुंडम निवासी और वर्तमान में हनुमानताल में रह रहा सोहिल अंसारी उर्फ वेल्डर (23) शामिल हैं।
चोरी का माल खरीदने के आरोप में कबाड़ी गोहलपुर के नईबस्ती निवासी मोम्मद अनवर अंसारी (47) व हनुमानताल के मोती नगर निवासी मोहम्मद अयुव उर्फ बब्लू चाटी (57) को पकड़ा है। सभी के विरुद्ध रेल संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
तीन आरोपित पहले से आपराधिक रिकॉर्ड वाले
कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक व पोस्ट कमांडर राजीव खरब के नेतृत्व में हुई। टीम में उप निरीक्षक आरके चंदेल, एएसआइ सुखराम बेन, प्रधान आरक्षक जितेंद्र तिवारी, प्रेम सिंह, केदार और आरक्षक हरिकेश शामिल रहे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपितों में से तीन सिविल पुलिस के रिकॉर्ड में आदतन अपराधी हैं।
अलग-अलग थानों में चोरी सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद वे रेल संपत्ति को निशाना बना रहे थे। आरपीएफ इनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, गिरोह कितने समय से सक्रिय था और इससे जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
निशाना ट्रेनों के कोचों के नीचे लगी अंडरगियर कॉपर वायरिंग
गिरोह का निशाना ट्रेनों के कोचों के नीचे लगी अंडरगियर कॉपर वायरिंग थी। आरोपित पहले खड़ी ट्रेनों की रेकी करते और मौका मिलते ही कोच के नीचे जाकर वायर काट देते थे। चोरी की वायरिंग कबाड़ियों को बेचने पर आरोपित अच्छी राशि प्राप्त करते थे।
आरोपितों की संवेदनशील वायरिंग से छेड़छाड़ रेल परिचालन और सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकती थी। आरपीएफ ने आम लोगों से रेलवे स्टेशन, यार्ड एवं रेलवे पटरियों के आसपास संदिग्ध व्यक्ति व गतिविधि दिखाई देने पर निकटतम आरपीएफ पोस्ट या रेलवे सुरक्षा हेल्पलाइन को सूचना देने के लिए कहा है।