
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) की वर्ष 2013 में आयोजित आरक्षक चयन परीक्षा में अपनी जगह दूसरे व्यक्ति से परीक्षा दिलवाने का मामला सामने आया है। परीक्षा में चयनित अभ्यर्थी के अंगूठे के निशान ओएमआर शीट पर मिले निशान से अलग पाए गए। मामले में माढ़ोताल पुलिस ने करीब 13 साल बाद दो आरोपितों के खिलाफ मप्र परीक्षा अधिनियम और बीएनएस की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार सात अप्रैल 2013 को आरक्षक चयन परीक्षा आयोजित की गई थी। माढ़ोताल क्षेत्र स्थित एक निजी कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। यहां विवेक सिंह का केंद्र था। आरोप है कि विवेक ने अपनी जगह सॉल्वर को परीक्षा देने भेजा। परीक्षा के दौरान सॉल्वर के अंगूठे के निशान भी लिए गए थे। परीक्षा परिणाम में विवेक का चयन हो गया।
चयन प्रक्रिया के दौरान पुलिस मुख्यालय ने विवेक के अंगूठे के निशान लिए, जो संदिग्ध पाए गए। इसके बाद उसे एसएएफ की सागर स्थित दसवीं बटालियन भेजा गया और अंगुलियों के निशान की जांच कराई गई। जांच में ओएमआर शीट पर मिले अंगूठे के निशान और विवेक के निशान का मिलान नहीं हुआ।
इससे परीक्षा में सॉल्वर बैठाए जाने का फर्जीवाड़ा सामने आया। इसके बाद एफआईआर के लिए प्रतिवेदन जबलपुर पुलिस को भेजा गया था। अब माढ़ोताल पुलिस ने मामले में कार्रवाई की है।
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