
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। एक कारोबारी फर्म को ई-मेल के जरिए बैंक खाता बदलने की सूचना पर भरोसा करना महंगा पड़ गया। साइबर ठगों ने फर्जी ई-मेल भेजकर फर्म से 27 लाख पांच हजार 690 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।
आदर्श नगर निवासी महत्व चावला (22) सेनेटरी वेयर्स की फर्म संचालित करते हैं। उनकी फर्म इंदौर की एक कंपनी के साथ व्यापार करती है। दोनों के बीच भुगतान बैंक खातों के माध्यम से होता है। 28 मार्च को चावला की फर्म के पास संबंधित कंपनी के नाम से एक ई-मेल आया। इसमें कंपनी का बैंक खाता बदलने और भविष्य का भुगतान नए खाते में करने की जानकारी दी गई थी।
फर्म ने ई-मेल को वास्तविक मानते हुए बताए गए खाते में 27 लाख 5 हजार 690 रुपये का भुगतान कर दिया। कुछ समय बाद इंदौर की कंपनी ने राशि प्राप्त नहीं होने की जानकारी दी। इसी बीच फिर एक ई-मेल आया, जिसमें दोबारा बैंक खाता बदलने की सूचना थी।
फर्म को संदेह हुआ और जांच करने पर फर्जी ई-मेल के जरिए ठगी का खुलासा हुआ। मामले में शुक्रवार को गोरखपुर पुलिस ने एफआइआर दर्ज की है।
छत्तीसगढ़ पुलिस के एक दल ने शुक्रवार को सिहोरा से दो लोगों को पकड़ा। दोनों साइबर ठगी के मामले में संदेही है। छत्तीसगढ़ में कुछ लोगों के साथ ही हुई साइबर ठगी की राशि पकड़े गए दोनों के लोगों के बैंक खाते में पहुंची थी। दोनों का सुराग ढूंढते हुए पुलिस सिहोरा पहुंची है। दोनों संदेहियों से पूछताछ की जा रही है। साइबर ठगी से जुड़े मामलों में जानकारी ली जा रही है।
नगरीय प्रशासन विभाग की एक महिला लिपिक साइबर ठगी का शिकार हो गईं। मोबाइल खराब होने पर मदद के लिए कंपनी के नंबर पर काल करना उन्हें महंगा पड़ गया। साइबर ठग ने रिफंड करने का झांसा देकर उनसे एटीएम कार्ड की फोटो मंगाई और इसके बाद उनके खाते से 12 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए।
गोरखपुर स्थित बून फर्स्ट लाइट होम निवासी भावना चौबे नगरीय प्रशासन विभाग में लिपिक वर्ग-तीन के पद पर कार्यरत हैं। बुधवार को उनका फोन खराब हो गया था। फोन बदलने के लिए उन्होंने कंपनी के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया।
बातचीत के दौरान सामने वाले व्यक्ति ने वारंटी पिरियड एवं अन्य शर्तों को बातकर उन्हें फोन की राशि लौटाने की बात कही। कहा कि उन्हें रिफंड प्राप्त करने के लिए एटीएम कार्ड की फोटो भेजनी होगी। उसकी बात पर भरोसा कर भावना ने सोशल मीडिया पर अपने एटीएम कार्ड की फोटो भेज दी।
इसके कुछ देर बाद उनके खाते से रकम निकलने लगी और चार बार में कुल 12 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गए। शुक्रवार को गोरखपुर थाने पहुंचकर उन्होंने शिकायत दर्ज कराया। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।