
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात के संदेह पर पुलिस ने दो निजी सोनोग्राॅफी सेंटर पर छापेमारी की।
प्रारंभिक जांच में मिली गड़बड़ियों पर मढ़ाताल में अंजुमन स्कूल के पास संचालित डाॅ. आरके अग्रवाल के सोनोग्राॅफी सेंटर और अधारताल स्थित सरल सोनोग्राॅफी एक्स-रे एवं पैथोलाॅजी सेंटर को सील कर दिया गया है।
यह कार्रवाई पुलिस को गत कुछ समय से सोनोग्राॅफी सेंटरों में अनियमितता की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद की गई। दोनों प्रतिष्ठानों से जब्त दस्तावेजों और इलेक्ट्राॅनिक रिकाॅर्ड के आधार पर पुलिस अवैध जांच और व्यापार के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
पुलिस को यह शिकायत मिली थी कि शहर में कुछ निजी सोनोग्राॅफी सेंटर अवैध तरीके से भ्रूण का लिंग परीक्षण कर रहे हैं। बेटी होने पर अवैध गर्भपात कराया जा रहा है।
इस खेल में सोनोग्राॅफी सेंटर के संचालकों और चिकित्सकों के मिलीभगत की आशंका थी। साठगांठ से गुपचुप तरीके से अवैध कार्य के बदले मोटी राशि वसूली जा रही थी।
सच्चाई का पता लगाने के लिए दो महिला आरक्षक गर्भवती बनकर दोनों सोनोग्राफी सेंटर में अलग-अलग पहुंची। दोनों सेंटर में बातचीत के बाद स्टाफ लिंग परीक्षण के लिए तैयार हो गया।
बेटी होने पर 15 हजार रुपये लेकर गर्भपात कराने के लिए भी राजी हो गए। इसके बाद जैसे ही महिला आरक्षकों ने सेंटर में रुपये दिए, पहले से बाहर खड़ी पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरोपित संचालकों को पकड़ लिया।
प्रारंभिक जांच में दोनों सेंटरों के रिकार्ड में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार रजिस्टर में दर्ज कई गर्भवतियों की आयु सामान्य से कम पाई गई है, जबकि कुछ मामलों में नाम, पते और अन्य जानकारी संदिग्ध मिली है।
आशंका जताई जा रही है कि रिकॉर्ड में हेरफेर कर अवैध गतिविधियों को छिपाने का प्रयास किया गया। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग अब रजिस्टर में दर्ज महिलाओं के नाम, पते और मोबाइल नंबरों का सत्यापन कर उनसे पूछताछ करेंगे।
मौके से जब्त कंप्यूटर एवं मरीजों के रिकाॅर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इनकी तकनीकी जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि अब तक कितने मामलों में नियमों का उल्लंघन हुआ और किन-किन लोगों की इसमें संलिप्तता रही।
छापेमारी के दौरान दोनों सोनोग्राॅफी सेंटरों के बीच साठगांठ होने की बात सामने आई है। आशंका है कि एक सेंटर पर भ्रूण का लिंग परीक्षण किया जाता था, जबकि दूसरे स्थान पर अवैध गर्भपात कराया जाता था।
छानबीन में कुछ ऐसी जानकारिया मिली है जिसके आधार पर पुलिस के निशाने पर इस अवैध खेल में शामिल बिचौलियों पर भी है। नेटवर्क में दोनों सेंटरों के संचालकों के संबंध को भी खंगाला जा रहा है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल ने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों पर छापेमारी की कार्रवाई की गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपितों पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
छापेमारी में शामिल स्वास्थ्य विभाग पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन से जुड़े हर पहलू की गहन जांच कर रहा है। रिकार्ड में विसंगतियों पर सोनोग्राफी सेंटर संचालकाें के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है।
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