• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • दिवाली पूजन 2026
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

बड़े शहर से गांवों तक आवारा कुत्तों का आतंक, हाई कोर्ट ने कहा-रोकथाम के लिए बनेगा माॅडल

मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे तथा न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने सभी पक्षों की सहमति से माडल तैयार करने का निर्णय लिया।

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Wed, 04 Nov 2026 10:38:26 AM (IST)Updated Date: Wed, 04 Nov 2026 10:38:26 AM (IST)
बड़े शहर से गांवों तक आवारा कुत्तों का आतंक, हाई कोर्ट ने कहा-रोकथाम के लिए बनेगा माॅडल
सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाई कोर्ट को इस विषय पर स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई करने के निर्देश दिए थे।

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने सरकार की स्टेटस रिपोर्ट पर सुनवाई
  2. जताई व्यापक कार्ययोजना की जरूरत
  3. अगली सुनवाई में होगा कि शहर का चयन

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। आवारा कुत्तों का आतंक अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव और कस्बों में भी डाग बाइट और रेबीज की घटनाएं चिंता का विषय बन रही हैं।

एक माॅडल तैयार करने की दिशा में पहल

इस समस्या के प्रभावी निराकरण के लिए हाई कोर्ट ने एक माॅडल तैयार करने की दिशा में पहल की है। अगली सुनवाई में तय किया जाएगा कि इसके लिए किस शहर का चयन किया जाए।

निर्देशों के पालन में किए गए कार्यों की स्टेटस रिपोर्ट पेश

मंगलवार को आवारा कुत्तों से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के पालन में किए गए कार्यों की स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई।

सरकार का ध्यान मुख्य रूप से बड़े शहरों तक सीमित

इस पर कोर्ट मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रायन डिसल्वा और याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनुराग गोहिल ने ध्यानाकर्षण कराया कि सरकार का ध्यान मुख्य रूप से बड़े शहरों तक सीमित है, जबकि समस्या गांवों और कस्बों में भी गंभीर रूप ले चुकी है। इसके लिए व्यापक और ठोस कार्ययोजना जरूरी है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिए हैं सख्त निर्देश

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के हमलों और रेबीज की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सरकारी एवं निजी संस्थानों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक खेल परिसरों और रेलवे स्टेशनों जैसे स्थानों को चिन्हित कर कुत्तों के टीकाकरण और नसबंदी के निर्देश दिए हैं।


नियमित निरीक्षण करने तथा यह सुनिश्चित करने को कहा

स्थानीय निकायों को इन स्थानों का नियमित निरीक्षण करने तथा यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि वहां आवारा कुत्ते डेरा न जमाएं। रेबीज से संक्रमित या संक्रमण की आशंका वाले कुत्तों को शेल्टर होम में रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाई कोर्ट को इस विषय पर स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई करने के निर्देश दिए थे।

भोपाल की घटना पर हाई कोर्ट ने लिया था संज्ञान

हाई कोर्ट भोपाल में आवारा कुत्ते के हमले में बच्ची के घायल होने की घटना पर स्वत: संज्ञान लेकर पहले से जनहित याचिका के रूप में सुनवाई कर रहा है। इसके अलावा आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर अन्य याचिकाएं भी दायर की गई हैं। मंगलवार को सुनवाई के बाद युगलपीठ ने समस्या के व्यापक समाधान के लिए माडल तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय लिया।

यह भी पढ़ें- बाहर खाने के शौकीनों सावधान : जबलपुर में सिद्धी विनायक रेस्टोरेंट में टाॅयलेट के पानी से बन रहा था खाना

एक क्लिक पर पढ़ें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट खबरें। Hindi News पढ़ें। MP News, Chhattisgarh news, आज का राशिफल और आज का मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पढ़ें।