
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। कार को लेकर सामने आए एक वीडियो में इसकी गतिविधियां नजर आने का दावा किया जा रहा है। खास बात यह है कि कार पर कभी पुलिस की बत्ती दिखाई देती है तो कभी बत्ती गायब रहती है। इससे वाहन के इस्तेमाल और उसमें सवार लोगों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
दावा किया जा रहा है कि संबंधित नंबर की कार पुलिस विभाग की है और एक वरिष्ठ अधिकारी को आवंटित है। जिन अधिकारी को यह कार आवंटित है उनका पद जिले के मुखिया के समकक्ष है, लेकिन वह कानून व्यवस्था के प्रमुख नहीं होते है।
वीडियो में टोपी पहने एक व्यक्ति कार चलाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचता दिखाई देता है। इसी दौरान एक महिला परिसर में दूसरे प्रवेश द्वार से आती है और अपना दोपहिया वाहन खड़ा करने के बाद कार में सवार हो जाती है। बताया जा रहा है कि यह गतिविधि अक्सर भोजनावकाश या कार्यालयीन समय समाप्त होने के बाद देखी गई है।
वीडियो से जुड़े दावों के मुताबिक, कार सिविल लाइंस पहुंचने के बाद पोस्ट आफिस के पास अपेक्षाकृत सूनसान गली में खड़ी होती है। इसके बाद महिला पैदल संभागायुक्त कार्यालय के सामने स्थित एक होटल के पिछले रास्ते से अंदर जाती दिखाई देती है।
कुछ देर बाद कार ड्राइवर भी वहां पहुंचता है। वापसी में पहले महिला कार तक आती है और फिर ड्राइवर पहुंचकर वाहन लेकर रवाना होता है। इसके बाद कार कलेक्ट्रेट पहुंचती है, जहां महिला अपना दोपहिया वाहन लेकर चली जाती है।
कार में सवार महिला का चेहरा कपड़े से ढंका रहने और वाहन पर बत्ती के अलग-अलग समय पर नजर आने की बात ने चर्चाओं को और बढ़ा दिया है। यह भी दावा किया जा रहा है कि जब कार में संदिग्ध व्यक्ति और महिला सवार रहते है, तब उस पर पुलिस की बत्ती नहीं होती है।
हालांकि, यह भी स्पष्ट नहीं है कि वाहन का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था। ऐसे में कार के आवंटन, उपयोग और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस वीडियो की नईदुनिया पुष्टि नहीं करता है।
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