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दो अधिवक्ताओं के वोट पर हाई कोर्ट की शर्त, दो से अधिक मतों का अंतर तभी घोषित होगा परिणाम

इस आदेश से टीकमगढ़ बार चुनाव का परिणाम दोनों अधिवक्ताओं के मताधिकार संबंधी विवाद के समाधान से जुड़ गया है।

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Thu, 05 Nov 2026 02:53:42 PM (IST)Updated Date: Thu, 05 Nov 2026 02:53:42 PM (IST)
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दो अधिवक्ताओं के वोट पर हाई कोर्ट की शर्त, दो से अधिक मतों का अंतर तभी घोषित होगा परिणाम
अदालत ने निर्देश दिया कि दोनों अधिवक्ताओं के अभ्यावेदन पर स्टेट बार काउंसिल की नवनिर्वाचित बॉडी निर्णय करेगी।

HighLights

  1. 2024 की मतदाता सूची में नाम रहा
  2. 2026 की सूची से हटाने को दी थी चुनौती
  3. हाई कोर्ट से दोनों को मतदान की अनुमति

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट ने जिला बार एसोसिएशन, टीकमगढ़ के चुनाव में दो अधिवक्ताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के विवाद पर महत्वपूर्ण आदेश दिया है।

जीत और हार के बीच अंतर दो मतों से अधिक हो

न्यायमूर्ति विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने दोनों अधिवक्ताओं को मतदान की अनुमति देते हुए उनके मतों की गणना पर शर्त लगा दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जीत और हार के बीच अंतर दो मतों से अधिक होने पर ही चुनाव परिणाम घोषित किया जा सकेगा।

2026 की अंतिम मतदाता सूची से नाम हटा दिए

याचिकाकर्ता अधिवक्ता अनिल कुमार अहिरवार और अभिनव यादव ने याचिका दायर कर बताया कि वर्ष 2024 के चुनाव की मतदाता सूची में उनके नाम शामिल थे, लेकिन वर्ष 2026 की अंतिम मतदाता सूची से उनके नाम हटा दिए गए। इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए उन्होंने हाई कोर्ट की शरण ली।


तत्काल मतगणना में शामिल करने से रोक दिया

उनकी ओर से अधिवक्ता प्रखर नवेरिया ने पैरवी की। सुनवाई के बाद युगलपीठ ने दोनों अधिवक्ताओं को मतदान की अनुमति दे दी, लेकिन उनके मतों को तत्काल मतगणना में शामिल करने से रोक दिया।

चुनाव परिणाम घोषित करने के लिए शर्त निर्धारित

अदालत ने निर्देश दिया कि दोनों अधिवक्ताओं के अभ्यावेदन पर स्टेट बार काउंसिल की नवनिर्वाचित बॉडी निर्णय करेगी। इसके बाद ही इन मतों की गणना का प्रश्न तय होगा। हाई कोर्ट ने चुनाव परिणाम घोषित करने के लिए शर्त निर्धारित की है।

अंतिम निर्णय स्टेट बार काउंसिल का महत्वपूर्ण होगा

जीतने और दूसरे स्थान पर रहने वाले प्रत्याशी के बीच अंतर दो मतों से अधिक रहने पर ही परिणाम घोषित किया जा सकेगा। दो या इससे कम मतों का अंतर होने पर विवादित दोनों मतों की गणना और स्टेट बार काउंसिल का निर्णय महत्वपूर्ण होगा।

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