
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्यता के प्रकरण में सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य शासन ने याचिकाकर्ताओं के उस आरोप का जवाब दिया, जिसमें डाटा लीक और सायबर फ्राड की बात कही गई थी। सरकार ने कहा कि हमारे शिक्षक एप में डाटा चोरी की संभावना बिल्कुल नहीं है।
तीन दिसंबर को अगली तारीख
न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने जवाब को अभिलेख पर लेते हुए तीन दिसंबर को अगली सुनवाई निर्धारित की है। पिछली सुनवाई में कुछ शिक्षकों के बैंक खाते से रकम गायब होने की दलील दी गई थी।
दरअसल, जबलपुर निवासी मुकेश सिंह वरकड़े, सतना के सत्येंद्र तिवारी सहित प्रदेश भर के 27 शिक्षकों ने याचिका दायर कर ई-अटेंडेंस को चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने दलील दी कि शिक्षकों को ई-अटेंडेंस के लिए बने हमारे शिक्षक एप के जरिए उपस्थित दर्ज कराने में नेटवर्क सहित कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।