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जबलपुर के गांवों में गहरा रहा जलसंकट... 80 फीट पर मिलने वाला पानी अब 100 फीट पर भी गायब

जिले में सामान्य से कम बारिश का असर अब ग्रामीण पेयजल व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। जिन गांवों में पहले 70 से 80 फीट की गहराई पर हैंडपंपों से पर्य...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Thu, 06 Aug 2026 06:53:51 PM (IST)Updated Date: Thu, 06 Aug 2026 06:53:51 PM (IST)
जबलपुर के गांवों में गहरा रहा जलसंकट... 80 फीट पर मिलने वाला पानी अब 100 फीट पर भी गायब
जबलपुर के गांवों में गहरा रहा जलसंकट

HighLights

  1. कम बारिश से 3,500 से अधिक हैंडपंपों का जलस्तर नीचे गिरा
  2. जिले के 40 प्रतिशत हैंडपंपों से पानी की जगह निकल रही हवा
  3. 100 फीट बोरिंग के बाद भी गांवों में नहीं मिल रहा पानी

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जिले में सामान्य से कम बारिश का असर अब ग्रामीण पेयजल व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। जिन गांवों में पहले 70 से 80 फीट की गहराई पर हैंडपंपों से पर्याप्त पानी मिल जाता था, वहां अब 100 फीट तक बोर करने के बाद भी पानी नहीं निकल रहा। लगातार गिरते भूजल स्तर ने हजारों ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।

3500 से अधिक हैंडपंपों का जलस्तर 10 से 30 फीट नीचे गिरा

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के अनुसार जिले की 500 से अधिक ग्राम पंचायतों में स्थापित करीब 10 हजार हैंडपंपों में से 3500 से अधिक का जलस्तर 10 से 30 फीट तक नीचे चला गया है। इसके चलते जिले के सभी ब्लाकों में लगभग 40 प्रतिशत हैंडपंप पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहे हैं। कई स्थानों पर हैंडपंपों से पानी की जगह केवल हवा निकल रही है।


मरम्मत दल बढ़ाने के बावजूद समस्या बरकरार, कंट्रोल रूम बंद होने से बढ़ी परेशानी

हैंडपंप खराब होने और पानी नहीं आने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। इसके बाद पीएचई ने प्रत्येक ब्लाक में मरम्मत एवं रखरखाव दलों की संख्या बढ़ाई है, लेकिन कई जगह तकनीकी खराबी दूर होने के बावजूद भूजल स्तर नीचे चले जाने से समस्या जस की तस बनी हुई है। उधर, कंट्रोल रूम बंद होने से शिकायतें अब सरपंच और जनपद पंचायत के माध्यम से दर्ज कराई जा रही हैं। वहीं, अमृत जल योजना शुरू नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट और गहराने लगा है।

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