
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जिले में सामान्य से कम बारिश का असर अब ग्रामीण पेयजल व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। जिन गांवों में पहले 70 से 80 फीट की गहराई पर हैंडपंपों से पर्याप्त पानी मिल जाता था, वहां अब 100 फीट तक बोर करने के बाद भी पानी नहीं निकल रहा। लगातार गिरते भूजल स्तर ने हजारों ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के अनुसार जिले की 500 से अधिक ग्राम पंचायतों में स्थापित करीब 10 हजार हैंडपंपों में से 3500 से अधिक का जलस्तर 10 से 30 फीट तक नीचे चला गया है। इसके चलते जिले के सभी ब्लाकों में लगभग 40 प्रतिशत हैंडपंप पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहे हैं। कई स्थानों पर हैंडपंपों से पानी की जगह केवल हवा निकल रही है।
हैंडपंप खराब होने और पानी नहीं आने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। इसके बाद पीएचई ने प्रत्येक ब्लाक में मरम्मत एवं रखरखाव दलों की संख्या बढ़ाई है, लेकिन कई जगह तकनीकी खराबी दूर होने के बावजूद भूजल स्तर नीचे चले जाने से समस्या जस की तस बनी हुई है। उधर, कंट्रोल रूम बंद होने से शिकायतें अब सरपंच और जनपद पंचायत के माध्यम से दर्ज कराई जा रही हैं। वहीं, अमृत जल योजना शुरू नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट और गहराने लगा है।
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