
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। बरगी क्रूज हादसे के बाद भी जिला और नगर प्रशासन सचेत नहीं हुआ है। जबलपुर के गौरीघाट नर्मदा तट पर रोजाना की तरह खुली नाव में वाहन और यात्रियों को सवार कर बिना किसी लाइफ जैकेट व सुरक्षा कर्मी के नर्मदा नदी पार कराई जा रही है। इस तरह लोगों की जान से खिलवाड़ करने का नजारा शुक्रवार को गौरीघाट नर्मदा तट पर देखने मिला।
‘नईदुनिया’ ने गौरीघाट के नर्मदा तट दरोगाघाट, उमाघाट का जायजा लिया तो देखा कि यहां एक बड़ी मोटर से चलने वाली चारों तरफ से खुली नाव में बाइक, स्कूटर सहित करीब 25 लोगों को बैठाकर इस पार से उस पार और उस पार से इस पार लाया जा रहा था। इस दौरान किसी ने भी लाइफ जैकेट या लाइफ बॉय नहीं पहना था। घाट पर सुरक्षा के नाम पर एक होमगार्ड का जवान तैनात था और एक मोटर बोट भी रखी हुई थी, लेकिन उसमें कोई मौजूद नहीं था।
पूरी नाव भरने के बाद ही चली
दोपहर 12:30 बजे बड़ी नाव किनारे पर आ लगी। नदी के उस पार जाने वाले लोग एक-एक कर उसमें सवार होते गए। दूध वाले और नर्मदा पार जाने वाले दोपहिया वाहन समेत लोग उसमें सवार हो गए। इसके बाद 12 बजकर 38 मिनट पर जब पूरी नाव भर गई, तब नाव रवाना हुई। इस तरह लोग अपनी ही जान दांव पर लगाते दिखे।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि नाव से रोजाना इसी तरह जान जोखिम में डालकर लोगों को इस पार से उस पार और उस पार से इस पार लाया जाता है, क्योंकि समद पिपरिया समेत अन्य गांव नर्मदा के उस पार बसे हैं। घूमकर जाने में समय और ईंधन ज्यादा लगता है।
नौका विहार में भी नियमों की अनदेखी
शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर नर्मदा गौरीघाट में श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ रही। इस दौरान श्रद्धालु नौका विहार भी कर रहे थे, लेकिन नौका संचालन करने वाले और नाव में सवार लोगों में से किसी के पास लाइफ जैकेट व अन्य सुरक्षा सामग्री नहीं थी।
औपचारिकता के लिए लाई गई लाइफ जैकेट
बरगी हादसे के बाद शुक्रवार को दोपहर एक ऑटो में पुरानी लाइफ जैकेट लाई गई और घाट पर ढेर लगा दिया गया। इसे देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि घटना के बाद महज औपचारिकता निभाई जा रही है। विदित हो कि गौरीघाट में 50 से ज्यादा नौकाओं का संचालन किया जाता है और नाविकों को नगर निगम द्वारा लाइसेंस जारी किया जाता है।
दोपहर बाद बंद कराया नौका संचालन
इधर नगर निगम के रामपुर जोन के अधिकारी पंकज अवस्थी और बाजार विभाग अधीक्षक राजेंद्र दुबे ने बताया कि बरगी हादसे को देखते हुए गौरीघाट में दोपहर बाद नौकाओं का संचालन बंद करवा दिया गया है। हालांकि नियमों के अनुसार सुरक्षा मानकों का पालन होने तक नौकाएं नहीं चलेंगी।
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