
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शहर की आधी आबादी दो दिन से जलसंकट से जूझ रही है। रविवार को भी नलों से पानी न आने के कारण लोग परेशान होते रहे। नगर निगम का दावा था कि रविवार की शाम से जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी परंतु शाम को भी पेयजल आपूर्ति ठप रही।
दरअसल, नर्मदा जल प्रदाय योजना के तहत 120 एमएलडी क्षमता वाले रमनगरा जलशोधन संयंत्र के राइजिंग मेन में 1200 एमएम के बटरफ्लाई वाल्व में लीकेज सुधार कार्य के चलते शनिवार की शाम की जलापूर्ति प्रभावित रही। नगर निगम की तकनीकी टीम ने रविवार को लीकेज तो सुधार दिया परंतु जैसे ही टेस्टिंग की तो दूसरा लीकेज भी सामने आ गया। जिसके कारण रविवार की शाम को भी रमनगरा प्लांट से टंकिया नहीं भरी जा सकी।
शनिवार की शाम और रविवार को दोनों टाइम पानी न मिलने से नागरिक परेशान होते रहे। कुछ लोगों ने गौरीघाट तो कुछ ने वाटर केन खरीदकर तो कुछ कुआं व बोरिंग वालों से पानी मांग कर काम चलाया। नगर निगम के टैंकर भी प्रभावित क्षेत्रों में गिनते के पहुंचे। नगर निगम का दावा है कि सोमवार की सुबह आंशिक रूप से जलापूर्ति की जाएगी।
रमनगरा संयंत्र से भरी जाने वाली बिडला धर्मशाला, मेडिकल, त्रिपुरी, गुलौआ, राइट टाउन, रामेश्वरम, मनमोहन नगर, लक्ष्मीपुर, कोतवाली, मोतीनाला, आनंद नगर, लेमा गार्डन, सर्वोदय नगर, मदर टेरेसा, बेदी नगर, मिल्क स्कीम, किलकारी गार्डन, न्यू शोभापुर और राजीव नगर , देवताल की टंकियां खाली रहीं।
इधर कांग्रेस पार्षद दल का आरोप है कि संस्कारधानी के कई प्रमुख और घनी आबादी वाले इलाकों में पिछले करीब 8 दिनों से जलापूर्ति ठप होने के कारण नागरिकों को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पानी की किल्लत को लेकर नगर निगम प्रशासन के दावों पर सवाल उठाते हुए नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा, उप नेता प्रतिपक्ष शगुफ्ता उस्मानी ‘गुड्डू नबी’ और कांग्रेस पार्षद दल के सचेतक अयोध्या तिवारी ने निगम प्रबंधन को आड़े हाथों लिया है।
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उनका आरोप है कि नगर निगम रमनगरा प्लांट के सुधार कार्य का बहाना बनाकर केवल दो दिन की समस्या बता रहा है, जबकि हकीकत यह है कि इन इलाकों में पिछले आठ दिनों से नियमित पानी नहीं आ रहा है। उप नेता प्रतिपक्ष शगुफ्ता उस्मानी ने कहा कि निगम का टैंकरों से पानी बांटने का दावा भी हवा-हवाई साबित हो रहा है। घनी बस्तियों में पर्याप्त टैंकर न पहुंचने से लोग बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज हैं।
कांग्रेस पार्षद दल ने चेतावनी दी है कि नगर निगम तत्काल संज्ञान लेते हुए शहर के सभी प्रभावित इलाकों में नियमित जलापूर्ति बहाल करें। जब तक पाइपलाइन का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक प्रत्येक प्रभावित वार्ड में पर्याप्त संख्या में पेयजल टैंकर उपलब्ध कराए जाएं ताकि आम जनता को राहत मिल सके।