
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष मंगलवार को बरगी डेम क्रूज हादसे से जुड़ी तीन जनहित याचिकाओं पर संयुक्त सुनवाई हुई। इस दौरान जनहित याचिकाकर्ताओं ने मामला वापस लेने की इच्छा जताई। उनका कहना था कि वे इस प्रकरण की जांच के लिए गठित न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की अध्यक्षता वाले न्यायिक आयोग के समक्ष सभी तथ्य व दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे।
कोर्ट ने यह निवेदन स्वीकार करते हुए दिशा-निर्देश दिया कि जनहित याचिकाकर्ता न्यायिक आयोग की सहायता के लिए स्वतंत्र रूप से तथ्य प्रस्तुत करें। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि यदि कार्रवाई से जनहित याचिकाकर्ता संतुष्ट न हों तो भविष्य में नए सिरे से कोर्ट आने हेतु स्वतंत्र होंगे।
दरअसल, राजधानी भोपाल निवासी कमल कुमार राठी, जबलपुर निवासी पुष्पा तिवारी व नानाजी देशमुख यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर जीपी मिश्रा की ओर से जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी सहित अन्य ने कोर्ट के सामने लापरवाही के मुद्दे उठाए।
उन्होंने दलील दी कि हादसे के समय लाइफ जैकेट पैक थी। यह यात्रियों को समय पर नहीं दी गई। इसके अलावा सुरक्षा और संचालन में गंभीर लापरवाही बरते जाने की बात भी कोर्ट के समक्ष रखी गई।
यह भी पढ़ें- वसुंधरा राजे फर्जी पत्र मामला: तीन युवकों की गिरफ्तारी पर कोर्ट नाराज, कहा- बयानों को शिकायत मानकर एक्शन लें कमिश्नर
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हादसे पर गहरा दुख जताया। कोर्ट ने कहा कि इस दुखद घटना से सभी लोग व्यथित हैं। वहीं सरकार की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि पूरे मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय न्यायिक आयोग गठित किया जा चुका है, जिसकी अध्यक्षता मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी कर रहे हैं। जनहित याचिकाकर्ता जनहित याचिकाओं में उठाए गए सभी मुद्दे उनके समक्ष भी प्रस्तुत कर सकते हैं।