जबलपुर में पटाखा दुकानों को लेकर सर्तकता, अस्थाई में सुरक्षा के नाम पर खानापूर्ति
दीपावली पर पटाखों की बिक्री के लिए शहर और जिले में दुकानें सजने लगी हैं, लेकिन इनके साथ सुरक्षा इंतजामों की निगरानी भी बड़ी चुनौती है।
Publish Date: Tue, 03 Nov 2026 12:33:22 PM (IST)Updated Date: Tue, 03 Nov 2026 12:33:22 PM (IST)
लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है तो कहीं बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं। नईदुनियाHighLights
- 900 में 260 को दिया पटाखा दुकान लगाने लाइसेंस
- नियमित निरीक्षण और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई
- मानकों के पालन और नियमित निगरानी को लेकर सवाल
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। प्रशासन से लेकर थोक पटाखा बाजार में लगी स्थाई पटाखा दुकानों में सुरक्षा को लेकर सतर्कता तो दिखती है, लेकिन वहीं अस्थाई दुकानों में मानकों के पालन और व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पटाखा दुकानों के लिए करीब 900 आवेदन आए हैं
जिले में पटाखा दुकानों के लिए करीब 900 आवेदन आए हैं, जिनमें से 260 को ही लाइसेंस जारी किए गए हैं। तहसीलवार आंकड़ों में कहीं लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है तो कहीं बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं।
सक्रियता के परिणाम अब तक सामने नहीं आए हैं
अब सवाल यह उठ रहा है कि पटाखों की बिक्री के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन कराने में जुटी पुलिस और प्रशासन की सक्रियता के परिणाम अब तक सामने नहीं आए हैं।
- इस बाद दीपावली के पहले जारी तहसील स्तर पर जारी हुए लाइसेंस की संख्या बढ़ी है।
- इस बाार अधारताल तहसील में 185 आवेदन आए, जिनमें से 132 लाइसेंस जारी किए गए।
- गोरखपुर में 142 में से 74 और जबलपुर ग्रामीण में 121 में से 54 लाइसेंस जारी हुए हैं।
- रांझी में 244 आवेदन आने के बावजूद अब तक एक भी लाइसेंस जारी नहीं हुआ।
- शहपुरा में 40, कुंडम में 16 और पाटन में 33 आवेदन आए, सिहोरा में 119 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
कठोंदा के थोक बाजार में 51 लाइसेंसधारी
कठोंदा में पटाखों का थोक बाजार लगाया गया है। यहां 51 लाइसेंसधारी व्यापारी हैं। इन दुकानदारों के लाइसेंस इस शर्त पर नवीनीकृत किए गए हैं कि वे जनवरी तक सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजाम पूरे कर लेंगे।
अधारताल एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी ने कठोंदा के पटाखा बाजार में लगातार निरीक्षण किया। जांच के दौरान करीब 15 ऐसे पटाखा व्यापारी सामने आए, जिन्होंने लाइसेंस नहीं लिया था। प्रशासन ने जांच के बाद इन्हें तत्काल लाइसेंस जारी करवाए।
लाइसेंस और अनुमति की जांच कितनी जरूरी
यह स्थिति बताती है कि बाजार में कारोबार शुरू होने से पहले लाइसेंस और अनुमति की जांच कितनी जरूरी है। यदि निरीक्षण नहीं होता तो बिना लाइसेंस कारोबार जारी रहने की आशंका थी।
हादसे की आशंका के बीच जवाबदेही जरूरी
पटाखों की दुकानों में ज्वलनशील सामग्री का भंडारण होता है। ऐसे में छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। दुकानों के बीच सुरक्षित दूरी, बिजली के खुले तारों से बचाव, आग बुझाने के उपकरण, रेत-पानी की उपलब्धता और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था की जांच जरूरी है।
दमकल वाहनों के पहुंचने में बाधा आएगी
दुकानों के आसपास अनधिकृत कब्जे या भीड़ के कारण दमकल वाहनों के पहुंचने में बाधा तो नहीं आएगी। प्रशासन को लाइसेंस जारी करने के साथ मौके पर सुरक्षा इंतजामों का भौतिक सत्यापन भी करना होगा। त्योहार के दौरान नियमित निरीक्षण और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई ही किसी संभावित दुर्घटना को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
पटाखा बाजार से जुड़े प्रमुख आंकड़े
- 900 आवेदन जिले में प्राप्त हुए।
- 260 लाइसेंस जारी किए गए।
- 640 आवेदन ऐसे हैं जिन पर लाइसेंस जारी होने की जानकारी नहीं है।
- 51 लाइसेंसधारी व्यापारी कठोंदा थोक बाजार में।
- 15 बिना लाइसेंस कारोबारी जांच में मिले।
- जनवरी तक सुरक्षा इंतजाम पूरे करने की शर्त पर कठोंदा के लाइसेंस नवीनीकृत।
सुरक्षा जांच में इन बिंदुओं पर रहे नजर
- प्रत्येक दुकान के पास वैध लाइसेंस और निर्धारित स्थल की अनुमति।
- अग्निशमन यंत्र और आग बुझाने के अन्य संसाधन चालू हालत में हों।
- पटाखों का निर्धारित मात्रा में सुरक्षित भंडारण।
- बिजली के खुले तार, ज्वलनशील सामग्री और आग के स्रोतों से दूरी।
- दुकानों के बीच निर्धारित सुरक्षा दूरी का पालन।
- दमकल वाहनों के आने-जाने के लिए रास्ता खाली रहे।
- आपात स्थिति में निकासी और राहत की व्यवस्था।
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