
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। एक ही भवन में स्कूल भी संचालित हो और शराब दुकान भी, तो क्या यह नियमों के अनुरूप है। जबलपुर के संजीवनी नगर में इसी सवाल को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने राज्य सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
जिला कलेक्टर को 23 मार्च, 2026 को दिए गए आवेदन पर अगली सुनवाई से पहले निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई छह नवंबर को होगी।
संजीवनी नगर, जबलपुर निवासी अजय पटेल की ओर से दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र के मुख्य मार्ग पर स्थित एक ही भवन के एक हिस्से में शराब दुकान संचालित हो रही है, जबकि दूसरे हिस्से में संस्कार भारती नाम से स्कूल चल रहा है।
याचिकाकर्ता ने इसे लागू नियमों के विपरीत बताते हुए प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है। याचिका के अनुसार, इस संबंध में जिला कलेक्टर और आबकारी विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट की शरण ली गई।
प्रारंभिक सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने याचिका में उठाए गए मुद्दों पर राज्य सरकार और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने पक्ष रखा, जबकि राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ब्रह्मदत्त सिंह उपस्थित हुए।
सुनवाई में यह तथ्य सामने आया कि याचिकाकर्ता ने 23 मार्च, 2026 को जिला कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था, जिस पर अब तक निर्णय नहीं लिया गया है। इस पर हाईकोर्ट ने कलेक्टर को अगली सुनवाई से पहले आवेदन का निराकरण करने के निर्देश दिए।
युगलपीठ ने यह भी निर्देशित किया कि लिए गए निर्णय की जानकारी याचिकाकर्ता को दी जाए और आदेश की एक प्रति हाई कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की जाए। अब छह नवंबर को होने वाली सुनवाई में मामले की आगे की दिशा स्पष्ट होगी। जिला प्रशासन के निर्णय और संबंधित पक्षों के जवाब पर निगाहें रहेंगी।
फिलहाल हाई कोर्ट ने याचिका में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। शराब दुकान का संचालन नियमों के विपरीत है या नहीं, यह संबंधित नियमों, उपलब्ध तथ्यों और आगे होने वाली न्यायिक कार्यवाही के आधार पर तय होगा।
यह भी पढ़ें- जबलपुर में कांग्रेस नेता और भाई ने किया पार्टनर पर तलवार से वार