• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • AI बूटकैंप
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

पं. धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम के अधिवक्ता बोले - राजनीतिक दबाव और रंजिश के चलते फंसाया

अधिवक्ताओं ने कहा कि शालिगराम को उनकी पारिवारिक व सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से मामले में आरोपित बनाया गया है। राजनीतिक दबाव और ...और पढ़ें

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Wed, 16 Sep 2026 04:05:19 PM (IST)Updated Date: Wed, 16 Sep 2026 04:05:19 PM (IST)
पं. धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम के अधिवक्ता बोले - राजनीतिक दबाव और रंजिश के चलते फंसाया
पहले जिला अदालत से उनकी जमानत अर्जी खारिज हो चुकी थी।

HighLights

  1. छतरपुर गोलीकांड में 15 जुलाई को हुई थी गिरफ्तारी
  2. मोतीलाल कुशवाहा पर गोली चलाने का आरोप
  3. 50 हजार रुपये के मुचलके पर रिहाई के आदेश दिए

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। छतरपुर के चर्चित गोलीकांड में आरोपित बागेश्वर धाम के संत पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिगराम गर्ग उर्फ छोटे सरकार को हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है।

सुरक्षित रखा गया फैसला सुनाते हुए रिहा करने के निर्देश

न्यायाधीश अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने सुरक्षित रखा गया फैसला सुनाते हुए शालिगराम को 50 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा करने के निर्देश दिए।

मोतीलाल पर हमला और गोली चलाने का आरोप

मामले में आरोप है कि शालिगराम ने अपने साथियों के साथ मिलकर मोतीलाल कुशवाहा पर जानलेवा हमला किया था। आरोप के मुताबिक घटना के दौरान पिस्तौल से गोली भी चलाई गई।

15 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया था

राजनगर थाना पुलिस ने मामले में शालिगराम को 15 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया था। इससे पहले जिला अदालत से उनकी जमानत अर्जी खारिज हो चुकी थी।

बचाव पक्ष ने बताया रंजिश में फंसाने का मामला

हाई कोर्ट में शालिगराम की ओर से अधिवक्ता रोहित रघुवंशी और अमित दवे ने पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने आरोपों को गलत बताते हुए राजनीतिक दबाव और पुरानी रंजिश के चलते फंसाए जाने की दलील दी। अधिवक्ताओं ने कहा कि शालिगराम को उनकी पारिवारिक व सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से मामले में आरोपित बनाया गया है।

कोर्ट ने जमानत मंजूर कर दी

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। कोर्ट ने जमानत मंजूर करते हुए 50 हजार रुपये के मुचलके पर रिहाई के आदेश दिए।

यह भी पढ़ें- एमपी हाईकोर्ट से सहायक ग्रेड-3 भर्ती में EWS को राहत, 45 साल तक के अभ्यर्थी भर सकेंगे फॉर्म; 1174 पदों पर होनी है भर्ती