अर्चना चिटनिस समेत अधिकारियों को हाई कोर्ट का नोटिस, शक्कर मिल की जमीन और करोड़ों की बैलेंस शीट पर मांगा जवाब
बुरहानपुर शक्कर मिल से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने अर्चना चिटनिस समेत अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।
Publish Date: Sun, 27 Sep 2026 10:25:21 AM (IST)Updated Date: Sun, 27 Sep 2026 10:25:21 AM (IST)
अर्चना चिटनिस समेत अधिकारियों को हाई कोर्ट का नोटिस। (फाइल फोटो)HighLights
- हाई कोर्ट ने अर्चना चिटनिस समेत अधिकारियों को नोटिस जारी किया।
- याचिका में शक्कर मिल के नाम पर अनियमितताओं के आरोप।
- जमीन खरीद और प्लांट स्थापना प्रक्रिया पर सवाल उठे।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर: हाई कोर्ट ने बुरहानपुर से भाजपा विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अर्चना चिटनिस सहित प्रदेश के गृह सचिव, प्रमुख सचिव उद्योग विभाग और अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई शक्कर मिल के नाम पर करोड़ों रुपये की बैलेंस शीट तैयार करने और उसके आडिट कराने के आरोपों से संबंधित याचिका पर की गई है।
जमीन खरीद और प्लांट स्थापना पर सवाल
महू (इंदौर) निवासी धर्मेंद्र शुक्ला की ओर से दायर याचिका के अनुसार सहकारी शक्कर व कृषि उद्योग मर्यादित बुरहानपुर में अर्चना चिटनिस के अध्यक्ष रहते ग्राम टाकलखेड़ा में शकर मिल के लिए जमीन खरीदी गई और विश्रामपुर में प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया बताई गई।
उद्घाटन हुआ, लेकिन मौके पर प्लांट नहीं
तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती से मिल का उद्घाटन भी कराया गया और शासन से राशि भी प्राप्त की गई। हालांकि मौके पर जाकर जांच करने पर शकर मिल का कोई प्लांट नहीं मिला। इससे जुड़ी जमीन खरीद से संबंधित रजिस्ट्रियों और राजस्व कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
आरटीआई से हुआ खुलासा, बैलेंस शीट पर उठे सवाल
याचिकाकर्ता ने कथित अनियमितताओं की पड़ताल सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर की थी। याचिका में आरोप है कि दस्तावेजों में करोड़ों रुपये की बैलेंस शीट तैयार कर उसका आडिट कराया गया, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति भिन्न है।
अधिकारियों की अनदेखी पर हाई कोर्ट में जनहित याचिका
- याचिकाकर्ता ने संबंधित अधिकारियों को सूचना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। अब हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें विभिन्न अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है।
- याचिकाकर्ता की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों में जमीन की खरीद, शकर मिल की स्थापना, शासन से प्राप्त राशि, कथित बैलेंस शीट और आडिट सहित विभिन्न बिंदुओं को जांच के दायरे में लेने की मांग की गई है। मामले की आगामी सुनवाई में प्रतिवादियों के जवाब महत्वपूर्ण होंगे।
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