मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक और पद खाली, जस्टिस प्रमोद अग्रवाल हुए रिटायर; अब कुल 16 पद रिक्त
हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या घटकर 37 रह गई है, जबकि स्वीकृत 53 पदों में रिक्तियों का आंकड़ा बढ़कर 16 पहुंच गया है।
Publish Date: Sat, 07 Nov 2026 09:16:10 PM (IST)Updated Date: Sat, 07 Nov 2026 09:16:10 PM (IST)
जबलपुर हाई कोर्ट, फाइल फोटोHighLights
- मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जजों की कमी
- जस्टिस प्रमोद अग्रवाल हुए रिटायर
- 16,353 मामलों का किया निराकरण
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की कमी के बीच एक और पद रिक्त हो गया है। न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल 36 वर्ष की न्यायिक सेवा के बाद शनिवार को सेवानिवृत्त हो गए। उनके विदा होने के साथ हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या घटकर 37 रह गई है, जबकि स्वीकृत 53 पदों में रिक्तियों का आंकड़ा बढ़कर 16 पहुंच गया है।
ऐसे में लंबित मामलों के बोझ के बीच न्यायिक क्षमता पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। हाई कोर्ट के कोर्ट रूम नंबर एक में आयोजित विदाई समारोह भावुक क्षणों का साक्षी बना।
न्यायमूर्ति अग्रवाल ने अपने न्यायिक सफर के अनुभव साझा करते हुए कहा कि 36 वर्षों में प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर काम करने, नए सामाजिक मूल्य समझने, मित्र बनाने और जीवन के अनेक सबक सीखने का अवसर मिला।
1990 में शुरू किया करियर
उन्होंने विनम्रता से कहा कि अनजाने में किसी से कोई भूल हुई हो तो उन्हें क्षमा किया जाए। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अल्पेश यशवंत कोगजे ने उनकी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 1990 में न्यायिक सेवा शुरू करने वाले न्यायमूर्ति अग्रवाल ने हाई कोर्ट में करीब तीन साल के कार्यकाल में 16,353 मामलों का निराकरण किया।
समारोह में न्यायाधीशों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों ने उनके योगदान व कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।