
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट ने तत्कालीन प्रमुख सचिव राजस्व विवेक पोरवाल और तत्कालीन सागर कलेक्टर संदीप जीआर के खिलाफ जारी गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट सोमवार को निरस्त कर दिए। दोनों अधिकारियों के खिलाफ हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने पर वारंट जारी किए गए थे।
जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ को सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि मूल आदेश का पालन कर दिया गया है। इस पर वारंट निरस्त करने का आवेदन पेश किया गया, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने अवमानना याचिका का निराकरण कर दिया।
शीला सेन ने नियमितीकरण की मांग को लेकर याचिका दायर की थी। 19 मार्च 2025 को हाई कोर्ट ने याचिका का निराकरण करते हुए राज्य सरकार और सागर कलेक्टर को उनके दावे का 90 दिन में निराकरण करने के निर्देश दिए थे।
समय सीमा में आदेश का पालन नहीं होने पर अवमानना याचिका दायर की गई। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने पाया था कि तीन दिसंबर, 2025 को सागर कलेक्टर की ओर से तहसीलदार को संपर्क अधिकारी नियुक्त किए जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन परिपालन रिपोर्ट पेश नहीं हुई।
अधिकारियों की ओर से पैरवी के लिए अधिवक्ता भी नियुक्त नहीं किया गया था। कोर्ट ने इसे प्रशासनिक व्यवस्था की दयनीय स्थिति बताते हुए दोनों अधिकारियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर 21 सितंबर को उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। सोमवार को आदेश के पालन की जानकारी मिलने पर कोर्ट ने वारंट निरस्त कर दिए।
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