• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

तीन दिन के नोटिस पर रीवा के 100 बिस्तर का अस्पताल बंद कराने पर हाई कोर्ट की रोक, कार्रवाई पर सवाल

अस्पताल ने दावा किया कि कार्रवाई में मध्य प्रदेश उपचारगृह तथा रुजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम, 1973 के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया...और पढ़ें

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Wed, 07 Oct 2026 05:41:59 PM (IST)Updated Date: Wed, 07 Oct 2026 05:41:59 PM (IST)
तीन दिन के नोटिस पर रीवा के 100 बिस्तर का अस्पताल बंद कराने पर हाई कोर्ट की रोक, कार्रवाई पर सवाल
न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने 24 सितंबर 2026 के उस आदेश के प्रभाव पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी।

HighLights

  1. पुलिस महानिदेशक को सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश
  2. रीवा के आयुष्मान नर्सिंग होम प्राइवेट लिमिटेड को अंतरिम राहत
  3. कथित कमियों को लेकर केवल तीन दिन का अस्पष्ट नोटिस दिया

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रीवा के आयुष्मान नर्सिंग होम प्राइवेट लिमिटेड को हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने 24 सितंबर 2026 के उस आदेश के प्रभाव पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी, जिसमें अस्पताल का संचालन तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए थे।

कथित कमियों को लेकर केवल तीन दिन का अस्पष्ट नोटिस

अस्पताल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय के. अग्रवाल और अधिवक्ता सिद्धार्थ कुमार शर्मा ने बताया कि प्रशासन ने कथित कमियों को लेकर केवल तीन दिन का अस्पष्ट नोटिस दिया और जवाब पर विचार किए बिना अस्पताल बंद करने का आदेश जारी कर दिया।


अधिकारियों ने अस्पताल का निरीक्षण किया था

याचिका के अनुसार 23 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे कलेक्टर, एसपी, सीएमएचओ, एसडीएम सहित अधिकारियों ने अस्पताल का निरीक्षण किया था।

अस्पताल में करीब 30 मरीज भर्ती थे

अस्पताल ने दावा किया कि कार्रवाई में मध्य प्रदेश उपचारगृह तथा रुजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम, 1973 के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। अस्पताल में करीब 30 मरीज भर्ती होने और यह 100 बिस्तर का अस्पताल होने की जानकारी भी कोर्ट को दी गई।

बंद करने का आदेश लागू नहीं किया

राज्य की ओर से कहा गया कि बंद करने का आदेश लागू नहीं किया गया है और अस्पताल संचालन कर सकता है। हालांकि, कोर्ट ने रिकार्ड में तत्काल बंद करने के स्पष्ट निर्देश का हवाला देते हुए इस आश्वासन को पर्याप्त नहीं माना।

कलेक्टर से विस्तृत हलफनामा और राज्य से दो सप्ताह में जवाब मांगा

अदालत ने अगली सुनवाई तक अस्पताल बंद नहीं करने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस महानिदेशक को अस्पताल और समीप स्थित सरदार पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने व रीवा सीएमएचओ को पूरी कार्रवाई का रिकाॅर्ड पेश करने के निर्देश दिए। कलेक्टर से विस्तृत हलफनामा और राज्य से दो सप्ताह में जवाब मांगा गया है।

यह भी पढ़ें- जबलपुर के भाजपा विधायक के बेटे का एआई वीडियो वायरल, दो इंस्टाग्राम आईडी पर FIR