TET 2024 की पात्रता शर्त पर हाई कोर्ट सख्त, सरकार और SSC से जवाब तलब, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विपरीत शर्त तय करने पर सवाल
हाई कोर्ट ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2024 की नियम पुस्तिका में निर्धारित पात्रता शर्त को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार और कर्मचारी चयन आयोग से जवाब मांगा है।
Publish Date: Mon, 26 Oct 2026 08:38:31 PM (IST)Updated Date: Mon, 26 Oct 2026 08:45:02 PM (IST)
HighLights
- टीईटी 2024 के विज्ञापन में शामिल शर्त को चुनौती दी है
- केवल अंतिम वर्ष की बाध्यता के आधार पर वंचित नहीं किया जा सकता
- विवादित शर्त के आधार पर अयोग्य घोषित करने पर रोक लगाई
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2024 की नियम पुस्तिका में निर्धारित पात्रता शर्त को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार और कर्मचारी चयन आयोग से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने निर्देश दिए कि याचिकाकर्ताओं को केवल विवादित शर्त के आधार पर अयोग्य घोषित न किया जाए।
यह अंतरिम राहत याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को निर्धारित की गई है।
टीईटी 2024 के विज्ञापन में शामिल इस शर्त को चुनौती दी है
मामला परमानंद गुजराती एवं अन्य की याचिका से संबंधित है। याचिकाकर्ताओं ने टीईटी 2024 के विज्ञापन में शामिल उस शर्त को चुनौती दी है, जिसके अनुसार केवल शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष में अध्ययनरत अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र माना गया था।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आलोक वागरेचा और विशाल बघेल ने दलील दी कि यह शर्त राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के दिशा-निर्देशों तथा सुप्रीम कोर्ट के ओमकार सिंह एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य मामले में दिए गए फैसले के विपरीत है।
केवल अंतिम वर्ष की बाध्यता के आधार पर वंचित नहीं किया जा सकता
उनका तर्क था कि शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में प्रवेश लेकर अध्ययन कर रहे अभ्यर्थियों को केवल अंतिम वर्ष की बाध्यता के आधार पर टीईटी में शामिल होने से वंचित नहीं किया जा सकता। याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और कर्मचारी चयन आयोग को अगली सुनवाई तक अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।