
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। 2012 में भी पारले-जी बिस्किट फैक्ट्री के गोदाम में सुबह के समय अचानक आग भड़क उठी थी। तब दमकल की गाड़ियों को आग पर काबू पाने में करीब दो घंटे का समय लगा था और इसमें करीब 10 लाख रुपये के माल का नुकसान हुआ था।
तुरंत बाद नगर निगम और औद्योगिक क्षेत्र की दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया था। फैक्ट्री के भीतर पैकेजिंग मैटेरियल (गत्ते के डिब्बे), प्लास्टिक और खाद्य तेल जैसी ज्वलनशील वस्तुएं होने के कारण लपटें बहुत तेज़ी से फैली थीं, लेकिन दमकल कर्मियों ने घेराबंदी कर इसे आगे बढ़ने से रोक दिया और नियंत्रित कर लिया।
जैसे ही आग भड़की, फैक्ट्री प्रबंधन और सुरक्षा कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए अंदर काम कर रहे सभी कर्मचारियों और मजदूरों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। इस हादसे में किसी के भी हताहत होने या झुलसने की खबर नहीं है।
सोमवार को आग लगने की प्राथमिक वजह भी शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। फैक्ट्री के एक हिस्से में रखा लाखों रुपये का सामान और कच्चा माल जलकर खाक हो गया है, जिसका सटीक आकलन प्रशासन और कंपनी प्रबंधन द्वारा किया जा रहा है।
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