
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शहर की बिजली आपूर्ति मजबूत करने के लिए पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी पुलिस लाइन में 33/11 केवी का नया सबस्टेशन बना रही है।
रिवैम्प्ड डिस्ट्री ब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत तैयार हो रहे इस सबस्टेशन का करीब 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। लगभग ढाई करोड़ रुपये की लागत वाले पांच एमवीए क्षमता के इस केंद्र से बेहतर आपूर्ति मिलने की उम्मीद है।
सिविल लाइन, घंटाघर, रेलवे स्टेशन, हाई कोर्ट और आसपास के क्षेत्रों के करीब 20 हजार उपभोक्ताओं को आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। कंपनी का लक्ष्य अगले डेढ़ महीने में काम पूरा कर इसे चालू करना है।
सबस्टेशन में 33 केवी लाइन से बिजली पहुंचेगी। पावर ट्रांसफार्मर वोल्टेज को 11 केवी में बदलेगा, जिसके बाद अलग-अलग फीडरों से संबंधित क्षेत्रों में बिजली वितरित होगी।
अधीक्षण यंत्री संजय अरोरा के अनुसार, शहर में बिजली की मांग बढ़ने से लंबे फीडरों के जरिए आपूर्ति में तकनीकी समस्याएं आती हैं। अधिक लंबाई से वोल्टेज ड्रॉप, लोड का असमान वितरण और फाल्ट की आशंका बढ़ सकती है।
वितरण ट्रांसफार्मर इसे घरेलू और व्यावसायिक उपयोग के अनुकूल स्तर पर लाएंगे। पांच एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर निर्धारित परिचालन परिस्थितियों में अधिकतम पांच मेगावोल्ट-एम्पियर का भार संभाल सकता है। वास्तविक क्षमता लोड की प्रकृति, पावर फैक्टर और ट्रांसफार्मर की स्थिति पर निर्भर करेगी।
इस परियोजना में 33 केवी लाइन के लिए मोनोपोल का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह एकल स्तंभ वाली संरचना है, जो सीमित जगह वाले शहरी क्षेत्रों में उपयोगी हो सकती है। कंपनी के अनुसार, अतिरिक्त उच्चदाब लाइनों के बाद शहर में यह पहला प्रोजेक्ट है, जिसमें उच्चदाब लाइन के लिए मोनोपोल लगाया जा रहा है।
निर्माण पूरा होने के बाद उपकरणों, सुरक्षा प्रणालियों और लाइन कनेक्शन की जांच होगी। जरूरी परीक्षण और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने पर सबस्टेशन नियमित आपूर्ति के लिए शुरू किया जाएगा। इससे नेटवर्क को अतिरिक्त क्षमता मिलेगी और मौजूदा फीडरों पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी।
यह भी पढ़ें- 'गाड़ी रोकी तो TI भड़का, नो एंट्री पर मुस्तैद कॉन्स्टेबल के दांत तोड़े, वर्दी फाड़ी' ASP ने उसे ही कर दिया सस्पेंड