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जबलपुर में पुलिस लाइन सबस्टेशन से 20 हजार उपभोक्ताओं को मिलेगी बेहतर बिजली, शहरी क्षेत्रों में ही उपयोगी

नया सबस्टेशन ब्यौहारबाग और ओमती फीडरों की लंबाई कम करने में मदद करेगा। इससे वोल्टेज की गुणवत्ता और आपूर्ति की विश्वसनीयता बेहतर होने की उम्मीद है।

By Pankaj TiwariEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Tue, 20 Oct 2026 06:35:12 PM (IST)Updated Date: Tue, 20 Oct 2026 06:35:12 PM (IST)
जबलपुर में पुलिस लाइन सबस्टेशन से 20 हजार उपभोक्ताओं को मिलेगी बेहतर बिजली, शहरी क्षेत्रों में ही उपयोगी
वितरण ट्रांसफार्मर इसे घरेलू और व्यावसायिक उपयोग के अनुकूल स्तर पर लाएंगे। सौजन्‍य एआई

HighLights

  1. सबस्टेशन का 75 प्रतिशत काम पूरा
  2. ढाई करोड़ रुपये की लागत आई
  3. डेढ़ महीने में चालू करने का लक्ष्य

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शहर की बिजली आपूर्ति मजबूत करने के लिए पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी पुलिस लाइन में 33/11 केवी का नया सबस्टेशन बना रही है।

ढाई करोड़ रुपये की लागत

रिवैम्प्ड डिस्ट्री ब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत तैयार हो रहे इस सबस्टेशन का करीब 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। लगभग ढाई करोड़ रुपये की लागत वाले पांच एमवीए क्षमता के इस केंद्र से बेहतर आपूर्ति मिलने की उम्मीद है।

लक्ष्य अगले डेढ़ महीने में काम पूरा कर इसे चालू करना

सिविल लाइन, घंटाघर, रेलवे स्टेशन, हाई कोर्ट और आसपास के क्षेत्रों के करीब 20 हजार उपभोक्ताओं को आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। कंपनी का लक्ष्य अगले डेढ़ महीने में काम पूरा कर इसे चालू करना है।

फीडरों से संबंधित क्षेत्रों में बिजली वितरित होगी

सबस्टेशन में 33 केवी लाइन से बिजली पहुंचेगी। पावर ट्रांसफार्मर वोल्टेज को 11 केवी में बदलेगा, जिसके बाद अलग-अलग फीडरों से संबंधित क्षेत्रों में बिजली वितरित होगी।

अधीक्षण यंत्री संजय अरोरा के अनुसार, शहर में बिजली की मांग बढ़ने से लंबे फीडरों के जरिए आपूर्ति में तकनीकी समस्याएं आती हैं। अधिक लंबाई से वोल्टेज ड्रॉप, लोड का असमान वितरण और फाल्ट की आशंका बढ़ सकती है।

व्यावसायिक उपयोग के अनुकूल स्तर पर लाएंगे


वितरण ट्रांसफार्मर इसे घरेलू और व्यावसायिक उपयोग के अनुकूल स्तर पर लाएंगे। पांच एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर निर्धारित परिचालन परिस्थितियों में अधिकतम पांच मेगावोल्ट-एम्पियर का भार संभाल सकता है। वास्तविक क्षमता लोड की प्रकृति, पावर फैक्टर और ट्रांसफार्मर की स्थिति पर निर्भर करेगी।

33 केवी लाइन के लिए मोनोपोल का इस्तेमाल

इस परियोजना में 33 केवी लाइन के लिए मोनोपोल का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह एकल स्तंभ वाली संरचना है, जो सीमित जगह वाले शहरी क्षेत्रों में उपयोगी हो सकती है। कंपनी के अनुसार, अतिरिक्त उच्चदाब लाइनों के बाद शहर में यह पहला प्रोजेक्ट है, जिसमें उच्चदाब लाइन के लिए मोनोपोल लगाया जा रहा है।

सुरक्षा प्रणालियों और लाइन कनेक्शन की जांच होगी

निर्माण पूरा होने के बाद उपकरणों, सुरक्षा प्रणालियों और लाइन कनेक्शन की जांच होगी। जरूरी परीक्षण और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने पर सबस्टेशन नियमित आपूर्ति के लिए शुरू किया जाएगा। इससे नेटवर्क को अतिरिक्त क्षमता मिलेगी और मौजूदा फीडरों पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी।

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