
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा देने के लिए जिले में प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के पंजीयन की प्रक्रिया तेज की जा रही है।
शुक्रवार को जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक गहलोत ने पनागर, पाटन और मझौली में आयोजित क्लस्टर स्तरीय शिविरों का निरीक्षण किया। सीईओ ने अधिकारियों और कर्मचारियों को योजना का प्रचार-प्रसार बढ़ाने तथा पात्र श्रमिकों का पंजीयन निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
सीईओ ने जनपद पंचायत पनागर की ग्राम पंचायत मुहास, पाटन के ग्राम लोहारी कटि और मझौली की ग्राम पंचायत मुरैठ में शिविरों की व्यवस्थाएं देखीं।
श्रम कार्डधारी श्रमिकों, विशेषकर महिला हितग्राहियों ने योजना में रुचि दिखाई। गहलोत ने संबंधित अमले को आपसी समन्वय से काम करने और अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए स्वैच्छिक पेंशन योजना है। 18 से 40 वर्ष की आयु के पात्र श्रमिक शामिल हो सकते हैं। 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर योजना के तहत प्रतिमाह तीन हजार रुपये पेंशन देने का प्रविधान है।
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