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जबलपुर में सरकारी जमीन को अपना बताकर सोसायटी ने बेचा, एसडीएम गोरखपुर ने लगाया स्टे

आसपास रहने वाले लोगों को जब जमीन के स्वामित्व पर संदेह हुआ तो उन्होंने इसकी शिकायत प्रशासन से की। पड़ोसियों की शिकायत के बाद मामले की जांच हुई तो पटवा...और पढ़ें

By Atul ShuklaEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Fri, 18 Sep 2026 09:55:19 PM (IST)Updated Date: Fri, 18 Sep 2026 09:55:19 PM (IST)
जबलपुर में सरकारी जमीन को अपना बताकर सोसायटी ने बेचा, एसडीएम गोरखपुर ने लगाया स्टे
बिल्डर को बेच दी गई सरकारी जमीन पर लगाया गया बोर्ड। नईदुनिया

HighLights

  1. सैनिक गृह निर्माण सहकारी समिति का मामला
  2. पड़ोसियों की शिकायत के बाद एसडीएम ने रोका
  3. राजस्व रिकॉर्ड में जमीन की स्थिति अलग बताई

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। सरकारी जमीन पर मालिकाना हक जताकर उसे निजी जमीन बताने और बिल्डर को बेचने का मामला सामने आया है। गोरखपुर क्षेत्र में सैनिक गृह निर्माण सहकारी समिति द्वारा खसरा नंबर 181, 182 और 183 की छह हजार वर्गफीट से अधिक जमीन को अपने अधिकार क्षेत्र की बताकर बिल्डर को बेचने का आरोप है।

मौके पर चल रहे निर्माण को रुकवा दिया

पड़ोसियों की शिकायत के बाद मामले की जांच हुई तो पटवारी की रिपोर्ट में जमीन के सरकारी होने की स्थिति सामने आई। इसके बाद एसडीएम गोरखपुर ने मामले में स्टे लगाते हुए मौके पर चल रहे निर्माण कार्य को रुकवा दिया।


लोगों को जब जमीन के स्वामित्व पर संदेह हुआ

संबंधित जमीन खसरा नंबर 181, 182 और 183 में दर्ज है। जमीन को लेकर सैनिक गृह निर्माण सहकारी समिति की ओर से अपना अधिकार क्षेत्र बताया गया और इसके आधार पर बिल्डर से लेन-देन किया गया। इसके बाद मौके पर निर्माण की गतिविधियां शुरू हो गईं। आसपास रहने वाले लोगों को जब जमीन के स्वामित्व पर संदेह हुआ तो उन्होंने इसकी शिकायत प्रशासन से की।

एसडीएम ने काम रुकवाया

शिकायत के बाद राजस्व अधिकारियों ने जमीन से संबंधित अभिलेखों की जांच कराई। पटवारी की रिपोर्ट में जमीन की स्थिति स्पष्ट हुई। रिपोर्ट के आधार पर यह सवाल खड़ा हुआ कि जब जमीन सरकारी रिकॉर्ड में निजी स्वामित्व की नहीं है तो सोसायटी ने इसे अपने अधिकार क्षेत्र में कैसे बताया और बिल्डर को इसका सौदा किस आधार पर किया।

फिलहाल किसी तरह का निर्माण नहीं हो रहा है

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम गोरखपुर अनुराग सिंह ने संबंधित जमीन पर स्टे लगा दिया। इसके साथ ही मौके पर चल रहे निर्माण कार्य को भी बंद करा दिया गया है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद फिलहाल जमीन पर किसी भी तरह का निर्माण नहीं हो रहा है।

बिल्डर से विवाद, थाने पहुंची शिकायत

मामला सामने आने के बाद शिकायतकर्ताओं और बिल्डर के बीच विवाद की स्थिति भी बनी। आरोप है कि जमीन को लेकर विरोध करने पर बिल्डर की ओर से शिकायतकर्ताओं के साथ विवाद किया गया। इस संबंध में गढ़ा थाने में भी शिकायत की गई है। पुलिस स्तर पर शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।

अधिकार क्षेत्र को लेकर सबसे बड़ा सवाल

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल सैनिक गृह निर्माण सहकारी समिति के अधिकार क्षेत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। सोसायटी ने जमीन को अपने अधिकार क्षेत्र में बताते हुए उसे बिल्डर को बेचने की प्रक्रिया कैसे की, जबकि राजस्व रिकॉर्ड में जमीन की स्थिति अलग बताई जा रही है।

जांच के प्रमुख बिंदु

  • खसरा नंबर 181, 182 और 183 की जमीन का मामला।
  • छह हजार वर्गफीट से अधिक जमीन विवाद में।
  • सोसायटी ने जमीन को अपने अधिकार क्षेत्र में बताया।
  • बिल्डर को जमीन बेचने का आरोप।
  • पड़ोसियों की शिकायत पर राजस्व जांच।
  • पटवारी की रिपोर्ट में जमीन की स्थिति सामने आई।
  • एसडीएम गोरखपुर ने स्टे लगाकर निर्माण रुकवाया।

सैनिक सहकारी समिति द्वारा जिस जमीन को अपना बताकर बेचने का दावा किया जा रहा है, वह जांच में शासकीय है। इसलिए उस जमीन से कब्जा हटाकर उस पर स्टे लगा दिया गया है।

अनुराग सिंह, एसडीएम गोरखपुर

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