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जबलपुर में डाॅ. मोहन यादव बोले- जनजातीय महापुरुषों का इतिहास पाठ्यक्रमों में शामिल, फिल्में भी बन रहीं

जनजातीय समुदाय के गौरवशाली अतीत को सबके सामने लाना राज्य सरकार का दायित्व है। सरकार जनजातीय महापुरुषों और बलिदानियों के जीवन पर फिल्म तैयार करने सहित ...और पढ़ें

By Atul ShuklaEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Fri, 18 Sep 2026 09:02:25 PM (IST)Updated Date: Fri, 18 Sep 2026 09:02:25 PM (IST)
जबलपुर में डाॅ. मोहन यादव बोले- जनजातीय महापुरुषों का इतिहास पाठ्यक्रमों में शामिल, फिल्में भी बन रहीं
मालगोदाम चौक पर शंकर शाह कुंवर रघुनाथ शाह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते मुख्यमंंत्री डाॅ. मोहन यादव। नईदुनिया

HighLights

  1. अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के 169वें बलिदान दिवस
  2. पिता-पुत्र ने देश और धर्म के सम्मान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया
  3. अधीनता स्वीकार करने और धर्म बदलने की शर्त रखी, लेकिन इसे ठुकरा दिया

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के 169वें बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने शुक्रवार को जबलपुर के मालगोदाम चौक स्थित प्रतिमा स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। उन्होंने कहा कि पिता-पुत्र ने देश और धर्म के सम्मान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उनका बलिदान देश की गौरवशाली विरासत का महत्वपूर्ण अध्याय है।

लेखनी ने वह काम किया, जो उस समय तलवार नहीं कर पाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा शंकर शाह ने कविता और गीतों के माध्यम से अंग्रेजी शासन के खिलाफ जनजागरण किया। उनकी लेखनी ने वह काम किया, जो उस समय तलवार नहीं कर पाई। अंग्रेजों ने दोनों को बंदी बनाकर अधीनता स्वीकार करने और धर्म बदलने की शर्त रखी, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया और बलिदान का रास्ता चुना।


बलिदान और जीवन के प्रेरणादायी कार्यों से परिचित होंगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने जनजातीय महापुरुषों राजा भभूत सिंह, राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह जैसी विभूतियों के जीवन के प्रेरक प्रसंगों को पाठ्यक्रम में स्थान दिया है। प्रदेश की भावी पीढ़ियां उनके बलिदान और जीवन के प्रेरणादायी कार्यों से परिचित होंगी।

52 गढ़ों के वंशजों को सम्मानित किया जाएगा

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि पिता-पुत्र ने अंग्रेजों से माफी मांगने के बजाय देश के लिए बलिदान चुना। जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने बताया कि जनजातीय छात्रावासों के नाम महानायकों पर रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि पांच अक्टूबर को रानी दुर्गावती की जयंती पर उनके 52 गढ़ों के वंशजों को सम्मानित किया जाएगा।

‘नमो-प्रेरणा’ अभियान शुरू किया

मुख्यमंत्री ने संग्रहालय में भी शहीदों को नमन किया और ‘नमो-प्रेरणा’ अभियान शुरू किया। बाद में रक्तदान शिविर में पहुंचकर रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाया। मुख्य आयोजन स्थल से ही मुख्यमंत्री ने पश्चिम विधानसभा के रामपुर छापर में बने नए अस्पताल का उद्धाटन किया।

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