
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रामपुर के मांडवा बस्ती के ईडब्ल्यूएस आवास में तृतीय तल पर लोहे के फ्रेम और पाइप चढ़ाते समय रविवार को दर्दनाक दुर्घटना हुई। सामग्री के पास से गुजर रही बिजली कंपनी की लाइन के संपर्क आने से ट्रेस और पाइप के बंडल में दौड़े करंट ने मां-बेटे की जान ने ली।
सीता राजपूत (55) और उनका बेटा किशन राजपूत (30) शामिल है। किशन का भतीजा बाबू उर्फ रियान राजपूत (12) गंभीर रूप से घायल है। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मां-बेटे की एक साथ मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। हादसे के बाद बस्ती में मातम पसर गया।
किशन ने लोहे के एंगल के मदद से सामग्री को ऊपर खींचने का जुगाड़ किया था। उसने लोहे की बिखरी सामग्री को एक बंडल के रूप में बांधा और नीचे खड़ा था। उसकी मां ने बंडल की रस्सी को ऊपर खींचा। इसी दौरान भारी-भरकम लोहे के एंगल एवं पाइप के बंडल ऊपर खींचते समय संतुलन बिगड़ा और सामग्री पास से गुजर रही 11 केवी की हाईटेंशन लाइन से टकरा गई। इसके साथ ही बंडल खींच रही सीता करंट की चपेट में आ गई। उसकी चीख निकल गई।
मां की चीख सुनकर किशन तुरंत छत की ओर भागा। मां को बचाने के लिए खींचा। इस दौरान वह भी करंट की चपेट में आकर झुलस गया। उसकी मौके पर मौत हो गई। छत पर किशन का भतीजा रियान भी था। हादसे में वह भी करंट के संपर्क में आ गया।
झटके के साथ छिटकने से उसे भी चोट आई। तब तक सीता के दो अन्य बेटे और पड़ोसी भी छत पर पहुंच गए। उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए सावधानी से लोहे के एंगल को दूर करते हुए रियान को वहां से निकाला। उसे तुरंत अस्पताल लेकर गए।
लोहे की सामग्री का बंडल ऊपर चढ़ाते समय सीता के करंट की चपेट में आते ही उनके हाथ से रस्सी छूट गई। लोहे का भारी बंडल सीधे जमीन पर आकर गिरा, जिसकी तेज आवाज हुई। जोर की आवाज सुनकर आसपास के घरों से लोग बाहर आ गए। सभी सीधे छत की ओर दौड़े। घटना के समय कुछ लोग थोड़ी दूरी पर ही खड़े थे। यह तो गनीमत थी कि जब बंडल गिरा तो उसकी चपेट में कोई नहीं आया, वरना हताहत की संख्या बढ़ सकती थी।
पुलिस ने मृतकों के शव को मारचुरी में रखवाया है। सोमवार को दोनों का पोस्टमार्टम किया जाएगा। घटना की जानकारी बिजली कंपनी के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर आवास से बिजली लाइन की सुरक्षित दूरी सहित अन्य स्थितियों के बारे में छानबीन जारी है।
रामपुर स्थित मांडवा बस्ती में हाईटेंशन बिजली लाइन के करंट की चपेट में आने से मां-बेटे की मौत के मामले में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मृतकों के स्वजन को दो-दो लाख रुपये तथा घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा से चर्चा कर हादसे की पूरी जानकारी ली। उन्होंने घटना में घायल व्यक्ति के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।मुख्यमंत्री डा. यादव ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताई है।
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