
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। साइबर ठगों ने शहर में अलग-अलग तरीके अपनाकर सरकारी अधिकारी से लेकर निजी कंपनी की कर्मचारी और अन्य लोगों को निशाना बनाया। पांच लोगों के बैंक खातों से कुल चार लाख 57 हजार 271 रुपये पार कर दिए गए।
मोबाइल पर आई संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना भारी पड़ा तो कहीं बैंक अधिकारी बनकर ठगों ने खाते से रकम उड़ा दी।
संबंधित मामलों में रांझी, गोरखपुर, माढ़ोताल और लार्डगंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों के फोन नंबर और लेन-देन के विवरण के आधार पर उन तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे है।
गोरखपुर: गोरखपुर थाना क्षेत्र के शंकर शाह नगर निवासी जगदीश सरवटे (61) आदिम जाति कल्याण विभाग में डिप्टी कमिश्नर हैं और भोपाल में पदस्थ हैं। 12 अक्टूबर को उनके मोबाइल पर एक ऑनलाइन लिंक आई थी। उस पर क्लिक करते ही उनका फोन हैक हो गया। इसके बाद उन्हें बैंक खाते से रुपये कटने के संदेश मोबाइल पर आने लगे। अज्ञात आरोपित ने उनके खाते से 69 हजार 660 रुपये निकाल लिए।
रांझी : रांझी थाना क्षेत्र के नरसिंह नगर निवासी शुभम गुगलियानी (31) को 12 अक्टूबर की सुबह फोन आया। फोन करने वाले ने स्वयं को बैंक अधिकारी बताया और उसके बैंक से लिए गए ऋण का विवरण बताया। ऋण की किस्त कटवाने के लिए खाते को यूपीआइ से लिंक करने की बात कही। इसके लिए इंटरनेट मीडिया पर लिंक भेजी गई।
ऋण का पूरा विवरण बताने से शुभम आरोपी के झांसे में आ गए। उसने खाता लिंक प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन लिंक पर क्लिक किया तो मोबाइल हैंग हो गया। कुछ देर बाद जब दोबारा फोन चालू हुआ, इस बीच उनके खाते से 95 हजार रुपये दूसरे खाते में जा चुके थे।
लार्डगंज: लार्डगंज थाना क्षेत्र के कछपुरा पुष्प नगर निवासी प्रियंका राजपूत (42) एक निजी कंपनी में डीआरएस हैं। 25 अक्टूबर को उनकी बेटी उनके मोबाइल का उपयोग कर रही थी। इसी दौरान एक आनलाइन विज्ञापन आया, जिस पर उसने क्लिक कर दिया। इसके बाद खाते से एक लाख 82 हजार 763 रुपये दूसरे बैंक खातें में ट्रांसफर हो गए।
माढ़ोताल : माढ़ोताल थाना क्षेत्र निवासी एक महिला और एक व्यक्ति को साइबर ठगों ने निशाना बनाया। करमेता के शंकर नगर निवासी आस्था जैन के अकाउंट से 29 हजार 999 रुपये धोखाधड़ी करते हुए ट्रांसफर कर हड़प लिए। मदर टेरेसा नगर निवासी शैलेंद्र नामदेव (37) के अकाउंट से 79 हजार 849 रुपये दूसरे बैंक खाता में ट्रांसफर ट्रांसफर कर लिए गए।
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