
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जिला अदालत ने गोरखपुर थाना क्षेत्र स्थित रामपुर मांडवा पुलिस चौकी पर पेट्रोल बम फेंकने के मामले में आरोपित जबलपुर निवासी परवेज अखार उर्फ नावेद अंसारी को दोषी करार देते हुए चार साल के कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अदालत में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक लहर दीक्षित ने पक्ष रखा। अभियोजन के अनुसार, 18 अप्रैल 2023 की रात करीब दो बजे आरोपी ने अपने तीन अन्य नाबालिग साथियों के साथ मिलकर मांडवा स्थित पुलिस चौकी पर पेट्रोल बम फेंके थे।
इस घटना में पुलिस चौकी को आर्थिक क्षति पहुंची थी। घटना के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर चारों आरोपियों को हिरासत में लिया था। इनमें शामिल तीन अपचारी बालकों के विरुद्ध किशोर न्याय बोर्ड में मामला विचाराधीन है।
वयस्क आरोपी परवेज अखार उर्फ नावेद अंसारी के विरुद्ध अदालत में विचारण पूरा हुआ। सुनवाई के बाद अदालत ने उसे दोषी पाते हुए चार साल के कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
जिला अदालत ने चाकू से हमला करने, गाली-गलौज और आयुध अधिनियम से जुड़े मामले में आरोपी विनय बर्मन उर्फ भल्लू को दोषमुक्त कर दिया है। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश डाॅ. आरती शुक्ला पांडेय की अदालत ने अभियोजन के आरोप संदेह से परे प्रमाणित नहीं होने पर यह आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान कथित चश्मदीद गवाहों ने अभियोजन का समर्थन नहीं किया। वहीं, साक्ष्यों और चाकू की जब्ती को लेकर भी संदेह सामने आए। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों का समग्र मूल्यांकन करने के बाद माना कि अभियोजन आरोपी के विरुद्ध आरोप प्रमाणित करने में सफल नहीं रहा।
अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 296 एवं 109 तथा आयुध अधिनियम की धारा 25(1-बी)(बी) के तहत लगाए गए आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। आरोपी की ओर से अधिवक्ता अपूर्व त्रिवेदी ने पैरवी की।