
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। बरेला थाना क्षेत्र के बम्हनी तिराहे पर शुक्रवार रात विवाद के बाद दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। घटना में भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष प्रवेश पटेल सहित कई लोग घायल हो गए।
दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर मारपीट और हमला करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। हमलावरों के भी भाजपा से जुड़े होने का आरोप है।
बम्हनी निवासी भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष प्रवेश पटेल तिराहा पर स्थित प्रदीप साहू की दुकान पर पहुंचे थे। वहां जिला पंचायत सदस्य रानी के पति रामेश्वर साहू, प्रहलाद साहू, लखन साहू और दिनेश साहू पहले से थे।
रामेश्वर और उनके साथी प्रदीप से रुपयों को लेकर विवाद कर रहे थे। प्रवेश के बीच-बचाव करने पर कहासुनी बढ़ गई। धक्का-मुक्की के बाद रामेश्वर ने चाकू से प्रवेश पर हमला कर उसकी हत्या का प्रयास किया। प्रदीप साहू उसकी पत्नी पिंकी साहू, दिलीप साहू उसकी पत्नी पत्नी संध्या साहू, प्रदीप के पिता बीच-बचाव करने पहुंचे।
रामेश्वर साहू, उसके भाई एवं समर्थकों ने सभी पर डंडे और रॉड से हमला कर दिया। हमले में प्रदीप साहू, संध्या साहू, पिंकी साहू, दिलीप साहू के सिर, हाथ-पैर में चोट आयी। प्रदीप के पिता जगदीश साहू बेहोश हो गए।
दूसरे पक्ष की ओर बम्हनी निवासी राहुल झारिया ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि वह अंकित साहू के साथ प्रदीप की किराना दुकान पर गुटखा लेने गया था। भुगतान के दौरान 500 रुपये के नोट और वापस मिलने वाली राशि को लेकर विवाद शुरू हुआ।
राहुल का आरोप है कि प्रदीप साहू, शेखर राव और प्रवेश पटेल ने उसके साथ मारपीट की। बीच-बचाव के दौरान रामेश्वर साहू और उनके साथियों के साथ भी मारपीट हुई, जिसमें कई लोगों को चोटें आईं। थाना प्रभारी संगीता सिंह के अनुसार, दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले दर्ज किए गए हैं। मामले की जांच जारी है।
मामले पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। भाजयुमो मंडल अध्यक्ष पर हमले के आरोपी रामेश्वर साहू ने आरोपों को निराधार बताया है।
उनका दावा है कि वह मौके पर शांति बनाने पहुंचे थे। तभी उन पर उनके भाइयों पर हमला किया गया, जिसमें वह घायल हुए और निजी अस्पताल में भर्ती है। विवाद और मारपीट में नाम घसीटे जाने को उन्होनें दूसरे पक्ष का राजनीतिक षड्यंत्र एवं छवि धूमिल करने का प्रयास बताया है।
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