
नईदुनिया प्रतिनिधि, सिंगरौली। जयंत स्थित कंचन ज्वेलर्स में हुई सनसनीखेज डकैती के मामले में सिंगरौली पुलिस ने छठवें और अंतिम आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी राहुल कुमार को जयंत पुलिस ने साइबर सेल सिंगरौली और आरपीएफ जबलपुर की मदद से जबलपुर रेलवे स्टेशन से पकड़ा।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी चेन्नई से लौटने के बाद दोबारा वहां जाने की फिराक में था। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही 17 सितंबर को हुई इस वारदात में शामिल सभी छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं। आरोपी के कब्जे और निशानदेही पर 11 सोने के जेवर, चांदी की दो मूर्तियां, 4,750 रुपए नकद, एक देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए करीब एक महीने पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। योजना के तहत झारखंड के गढ़वा जिले में हथियारों के बल पर दो अपाचे मोटरसाइकिलें लूटी गईं और उन्हें उत्तर प्रदेश के अनपरा में पहुंचाया गया। इनका इस्तेमाल डकैती के दौरान किया जाना था।
आरोपियों ने 14 सितंबर को वारदात करने की योजना बनाई थी, लेकिन दुकान में ग्राहकों की अधिक भीड़ होने के कारण इरादा बदल दिया। इसके बाद 17 सितंबर को सभी छह आरोपी शक्तिनगर पार्क में जुटे और योजना को अंतिम रूप दिया।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने वारदात से पहले तीन बार दुकान की रेकी की थी। शाम करीब 5.50 बजे दुकान में भीड़ कम देखकर उन्होंने धावा बोल दिया।
17 सितंबर की शाम जयंत के बजरंग कॉम्प्लेक्स स्थित कंचन ज्वेलर्स में संचालक अखिलेश कुमार वर्मा कर्मचारियों के साथ ग्राहकों को आभूषण दिखा रहे थे। इसी दौरान हथियारबंद बदमाश दुकान में घुस आए।
उन्होंने पिस्टल और देशी कट्टे के बल पर लोगों को डराया और मोबाइल फोन छीन लिए। इसके बाद सोने-चांदी के आभूषण और करीब 2.50 लाख रुपए नकद लूट लिए। विरोध करने पर दुकान संचालक के सिर पर हथियार के बट से वार किया गया।
कर्मचारी राहुल विश्वकर्मा ने बदमाशों को रोकने और हथियार पकड़ने की कोशिश की तो आरोपियों ने मारपीट कर फायरिंग कर दी। गोली कर्मचारी की हथेली में लगी। पुलिस के मुताबिक, चार बदमाश दुकान के भीतर लूटपाट कर रहे थे, जबकि दो बाहर निगरानी कर रहे थे। तीन-चार राउंड फायरिंग के बाद आरोपी दोनों अपाचे मोटरसाइकिलों पर सवार होकर मस्जिद तिराहे की ओर से फरार हो गए।
वारदात के बाद आरोपी अनपरा पहुंचे। यहां एक चर्च के पीछे झाड़ियों में कपड़े और जूते-चप्पल बदलकर पहचान छिपाने की कोशिश की। इसके बाद रेणुकूट के जंगल क्षेत्र में लूटे गए आभूषण और नकदी आपस में बांट लिए। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल सामग्री और अन्य साक्ष्य जुटाए।
आरोपियों का पीछा करते हुए पुलिस ने घेराबंदी की। इस दौरान एक मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसके बाद अनुराग कुमार चंद्रवंशी और लकी कुमार पासवान पकड़े गए। इनके पास से लूट के आभूषण, नकदी, मोबाइल और हथियार बरामद किए गए।
एक अन्य आरोपी रोशन स्वीपर को उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार किया। इसके बाद झारखंड पुलिस के सहयोग से साबिर उर्फ सोनू अंसारी और शमशाद अंसारी उर्फ छोटू को भी गिरफ्तार किया गया।
पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद राहुल कुमार फरार था। उसकी तलाश में पुलिस लगातार तकनीकी साक्ष्य जुटा रही थी और संभावित ठिकानों पर नजर रख रही थी। जांच के दौरान राहुल के चेन्नई जाने और वहां से लौटने की जानकारी मिली। उसके दोबारा चेन्नई जाने की संभावना पर जयंत पुलिस ने साइबर सेल और आरपीएफ जबलपुर के साथ समन्वय किया। इसके बाद उसे जबलपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर 11 सोने के जेवर, चांदी की दो मूर्तियां, 4,750 रुपए नकद, एक देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।
घटना के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फॉरेंसिक और फिंगरप्रिंट टीम की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए। आरोपियों की तलाश में मध्यप्रदेश के साथ उत्तर प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी पुलिस ने दबिश दी। मुखबिरों से मिली सूचना और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़कर फरार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की गई।
कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन गौरव राजपूत के निर्देशन, डीआईजी रीवा क्षेत्र हेमंत सिंह चौहान के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक सिंगरौली शियाज के.एम. के नेतृत्व में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा, नगर पुलिस अधीक्षक विंध्यनगर हेमंत कुमार सिंह और चौकी प्रभारी जयंत निरीक्षक पवन कुमार सिंह की निगरानी में विभिन्न टीमों ने कार्रवाई की।
मामले में थाना विंध्यनगर में अपराध क्रमांक 461/2026 दर्ज है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है और अन्य मामलों में उनकी संलिप्तता की जानकारी संबंधित राज्यों की पुलिस से जुटाई जा रही है। प्रकरण की विवेचना जारी है।
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