
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा तीसरी से आठवीं तक के विद्यार्थियों का अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन एक दिसंबर से शुरू होगा। राज्य शिक्षा केंद्र ने सत्र 2026-27 के लिए होने वाले इस मूल्यांकन को प्रतिभा पर्व नाम दिया है।
बच्चों में परीक्षा को लेकर तनाव और दबाव की स्थिति न बने, इसके लिए पारंपरिक परीक्षा के बजाय मूल्यांकन को प्रतिभा पर्व के रूप में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
कक्षा तीसरी से पांचवी तक का मूल्यांकन सात दिसंबर और कक्षा छठवीं से आठवीं तक का मूल्यांकन 8 दिसंबर तक चलेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्राथमिक कक्षाओं यानी तीसरी से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के पेपर सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक होंगे।
वहीं छठवीं से आठवीं तक के विद्यार्थियों का मूल्यांकन दोपहर 1:30 बजे से शाम 4 बजे तक किया जाएगा। प्रत्येक प्रश्नपत्र के लिए ढाई घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
राज्य शिक्षा केंद्र ने प्रतिभा पर्व के अर्द्धवार्षिक एवं वार्षिक मूल्यांकन के लिए प्रश्न निर्माण, आइटम बैंक में अपलोड और प्रश्नों के माडरेशन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
प्रश्नपत्र में बहुविकल्पीय प्रश्न, रिक्त स्थान भरने, अति लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल किए जाएंगे। विद्यार्थियों के स्तर को ध्यान में रखते हुए प्रश्नों को आसान, औसत और कठिन श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा।
प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) स्तर पर अनुभवी और योग्य विषय विशेषज्ञों का चयन किया गया है।
विशेषज्ञ प्रश्नों की भाषा, वर्तनी, उत्तरों की शुद्धता और प्रश्नों की पुनरावृत्ति जैसे बिंदुओं की जांच करेंगे। मॉडरेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रश्नों को आइटम बैंक पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
इस कार्य को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए डाइट स्तर पर प्रश्न निर्माण और अपलोड करने के लिए तीन दिवसीय कार्यशाला तथा प्रश्नों के माडरेशन के लिए दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी।
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