
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट ने बागेश्वर धाम में 16 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में जांच का दायरा बढ़ाते हुए छतरपुर एसपी को विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी ने 25 सितंबर को राजू जाटव की दूसरी जमानत अर्जी निरस्त करते हुए टीम को यह पता लगाने के निर्देश दिए कि नाबालिग का यौन उत्पीड़न किसने किया और उसके गर्भ से मिले भ्रूण का जैविक पिता कौन है?
जांच दो माह में पूरी करने को कहा गया है। प्रकरण में जांच के दौरान नाबालिग करीब दो माह की गर्भवती मिली थी। गर्भपात के बाद भ्रूण सुरक्षित रखकर एफएसएल जांच कराई गई। 29 अगस्त की रिपोर्ट में राजू जाटव को भ्रूण का जैविक पिता नहीं पाया गया।
कोर्ट में नाबालिग ने राजू द्वारा दुष्कर्म किए जाने से इनकार किया, जबकि पुलिस के समक्ष दर्ज बयानों में उसने राजू पर बागेश्वर धाम में जबरन दुष्कर्म का आरोप लगाया था।
तीन अक्टूबर की रात धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने महिलाओं और माताओं से अकेले बागेश्वर धाम नहीं आने तथा अनजान लोगों और सेवादारों पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करने की अपील की। हालांकि उनकी अपील में इस प्रकरण का कोई उल्लेख नहीं था।
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