
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। कटनी की फरार पूर्व सीएसपी नेहा पच्चीसिया की एफआईआर निरस्त कराने संबंधी याचिका पर सोमवार को हाई कोर्ट में सुनवाई टल गई। न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ के समक्ष राज्य सरकार ने बताया कि प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी शामिल हैं। लिहाजा मामला संबंधित रोस्टर वाली पीठ के समक्ष भेजने का आग्रह किया गया।
याचिकाकर्ता की ओर से इसका विरोध करते हुए कहा गया कि ये धाराएं पिछली सुनवाई के बाद जोड़ी गई हैं, इसलिए वर्तमान पीठ को ही मामले की सुनवाई करनी चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी देखने के बाद एकलपीठ ने प्रकरण को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से संबंधित मामलों की सुनवाई करने वाली बेंच के समक्ष भेजने का निर्णय लिया। अब 22 सितंबर को नई पीठ के समक्ष सुनवाई संभावित है।
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मामला हत्या के आरोपित की करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की जमीन कम कीमत में दूसरे व्यक्ति के नाम कराने के आरोप से जुड़ा है। आरोप है कि हत्या के आरोपित को बचाने के नाम पर दबाव बनाकर जमीन का सौदा कराया गया। पुलिस जांच के बाद नेहा पच्चीसिया सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
नेहा ने एफआईआर को चुनौती देते हुए इसे निरस्त करने और अंतरिम राहत देने की मांग की है। राज्य सरकार ने याचिका का विरोध करते हुए जांच में सहयोग नहीं करने, विदेश जाने की आशंका और सहआरोपितों से मिलीभगत संबंधी आरोपों का हवाला दिया है। नई पीठ के समक्ष सुनवाई के बाद ही याचिका पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।