
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। डुमना एयरपोर्ट से 25 अक्टूबर से लागू होने वाले विंटर शेड्यूल में उड़ानों के संचालन में बदलाव किया गया है। इंडिगो ने जबलपुर-इंदौर की सीधी उड़ान को नए शेड्यूल में शामिल नहीं किया है।
विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और कारोबारियों को परेशानी होगी। वहीं, जबलपुर से मुंबई के लिए रोजाना सीधी उड़ान फिर शुरू होगी, जबकि नवी मुंबई की सेवा बंद हो जाएगी। हैदराबाद रूट पर एटीआर विमान की जगह एयरबस का संचालन किया जाएगा।
इंडिगो का नया शेड्यूल 25 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा। इसके अनुसार जबलपुर से दिल्ली के लिए दो तथा बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई के लिए एक-एक उड़ान प्रतिदिन संचालित होगी। इस तरह पांच शहरों के लिए रोजाना उड़ानें उपलब्ध रहेंगी। हालांकि, इंदौर की सीधी सेवा बंद होने से यात्रियों के पास एक महत्वपूर्ण विकल्प कम हो जाएगा।
जबलपुर-इंदौर उड़ान का उपयोग विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग और कारोबारी कम समय में यात्रा पूरी करने के लिए करते थे। कई यात्री एक ही दिन में इंदौर जाकर जरूरी काम निपटाकर लौट आते थे। उड़ान बंद होने से अब उन्हें सड़क या रेल मार्ग का सहारा लेना पड़ेगा अथवा दूसरे शहरों से कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी होगी। इससे यात्रा में अधिक समय और खर्च लग सकता है।
एयरपोर्ट डायरेक्टर राजेश कुमार मौर्य ने बताया कि इंडिगो के प्रतिनिधियों से इस संबंध में चर्चा हुई है। कंपनी ने छोटे विमानों को दूसरे स्थानों पर शिफ्ट करने और उनकी जगह बड़े विमानों का संचालन करने की जानकारी दी है। इसी वजह से इंदौर की उड़ान को नए शेड्यूल में शामिल नहीं किया गया।उन्होंने उड़ान को दोबारा शुरू कराने के लिए प्रयास किए जाने की बात कही।
नए शेड्यूल में जबलपुर-मुंबई के बीच सीधी उड़ान फिर शुरू होगी। इससे मुंबई जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। दूसरी ओर, नवी मुंबई की सीधी सेवा नए शेड्यूल में शामिल नहीं है। यात्रियों को टिकट बुक करते समय एयरपोर्ट की जानकारी ध्यान से देखनी होगी।
जबलपुर-हैदराबाद उड़ान जारी रहेगी, लेकिन इस मार्ग पर एटीआर की जगह एयरबस के संचालन की जानकारी दी गई है। बड़े विमान से प्रति उड़ान सीटों की उपलब्धता बढ़ने की संभावना है। दिल्ली के लिए दो और बेंगलुरु के लिए एक दैनिक उड़ान भी जारी रहेगी।
इंदौर विमान बंद होने से कनेक्टिविटी पर असर-जबलपुर-इंदौर उड़ान बंद होने से व्यापार, उद्योग, मरीजों, विद्यार्थियों और आम यात्रियों को परेशानी होगी। इससे शहर की कनेक्टिविटी और विकास भी प्रभावित होगा। उड़ान बंद करने के बजाय हापिंग फ्लाइट का विकल्प अपनाया जा सकता है। जबलपुर-इंदौर के बाद विमान को अहमदाबाद, पुणे या गोवा तक संचालित करने से इस रूट की उपयोगिता बनी रहेगी और यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
प्रीति चौधरी, वायुसेवा संघर्ष समिति