
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जबलपुर जिला मुख्यालय से करीब 62 किलोमीटर दूर झलोन ग्राम पंचायत में कथित वित्तीय अनियमितता की बात सामने आने के बाद सरपंच और पति गायब हो गए हैं। पंचायत की महिला सरपंच लक्ष्मीबाई और उनके पति अशोक सिंह के घर नहीं लौटने से परिवार की चिंता बढ़ गई है।
दरअसल दोनों 8 अक्टूबर को पंचायत में कथित गड़बड़ियों की शिकायत करने जबलपुर आए थे। अगले दिन उन्होंने बरगी विधानसभा के पूर्व विधायक संजय यादव से भी मुलाकात की थी। इसके बाद से दोनों के घर नहीं लौटे।
आठ अक्टूबर को सरपंच और उनके पति ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर से पंचायत सचिव पुष्पराज सिंह पर विकास कार्यों की राशि में गड़बड़ी, ओटीपी लेकर सरकारी रकम निकालने और विरोध करने पर धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाकर शिकायत की थी।
सरपंच के मुताबिक पंचायत से 30 से 40 लाख रुपये निकाले गए, लेकिन गांव में उसके अनुरूप विकास कार्य नहीं हुए। इन आरोपों की पुष्टि जांच और पंचायत के अभिलेखों से होना बाकी है।
लक्ष्मीबाई और उनके पति का आरोप है कि कम पढ़े-लिखे होने का फायदा उठाकर सचिव सरकारी राशि निकालने के लिए उनके मोबाइल पर आने वाले ओटीपी लेते थे। उनका दावा है कि जब उन्होंने मोबाइल देना बंद किया, तो कथित तौर पर मोबाइल छीनने और धमकाने की घटनाएं हुईं।
सरपंच का कहना है कि पंचायत से राशि निकलने के बावजूद उन्हें खर्च और निर्माण कार्यों का स्पष्ट हिसाब नहीं दिया गया। अशोक सिंह ने सड़क, नाली और भवन निर्माण के लिए लोहा, सीमेंट सहित अन्य सामग्री की खरीदी के बिलों में गड़बड़ी का आरोप भी लगाया है।
उनका दावा है कि गांव के व्यापारी संदीप जैन के साथ मिलकर कथित तौर पर फर्जी बिल तैयार कराए गए। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब और दस्तावेजी पुष्टि सामने आना बाकी है।
सरपंच के बेटे अब्बू सिंह के मुताबिक, उनके माता-पिता 8 अक्टूबर को शिकायत करने जबलपुर गए थे। उन्होंने फोन पर बताया था कि कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को शिकायत दे दी है और कुछ देर बाद लौटेंगे। इसके बाद 9 अक्टूबर को उन्होंने पूर्व विधायक संजय यादव से मुलाकात की।
10 अक्टूबर को बेटे ने फोन किया तो पिता का मोबाइल बंद मिला। परिवार के अनुसार, लक्ष्मीबाई मोबाइल नहीं रखती हैं। दोनों के घर नहीं पहुंचने से परिजन परेशान हैं। हालांकि, उनके किसी रिश्तेदार के यहां होने की चर्चा भी है। उनके ठिकाने की पुष्टि और परिवार की चिंता के संबंध में संबंधित पुलिस थाने का पक्ष सामने आना जरूरी है।
बरगी विधानसभा के पूर्व विधायक संजय यादव ने भी सरपंच की शिकायत का समर्थन करते हुए पंचायतों में सचिवों के हस्तक्षेप का मुद्दा उठाया। उन्होंने शहपुरा और बेलखेड़ा क्षेत्र की कुछ पंचायतों में भी ऐसी शिकायतें होने की बात कही।
जिला पंचायत के डिप्टी सीईओ पीएल यादव ने शिकायत को गंभीर बताते हुए कहा कि मामले की जांच जरूरी है। इसके लिए जनपद पंचायत शहपुरा की टीम को मौके पर भेजा जाएगा।
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