
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। संत प्रेमानंद के शिष्य व जबलपुर निवासी दीपक उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में 12 दिन बाद भी पुलिस की जांच किसी निर्णायक नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। पुलिस की चार टीमों ने आश्रम के 60 से अधिक साधकों से पूछताछ की है। स्वजन के भी बयान दर्ज किए गए हैं।
पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है, जबकि स्वजन आत्महत्या मानने से इनकार कर रहे हैं। दूसरी ओर गुप्तांग काटने ने गुत्थी को उलझा दिया है। अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज के साथ मृतक के रक्त के नमूने और मोबाइल को जांच के लिए भेजा गया है।
पुलिस के सामने बड़ा सवाल यह है कि छत से कूदकर जान देने के पहले शिष्य ने अपना गुप्तांग क्यों काटा। अब मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट से जांच को अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। जबलपुर निवासी दीपक लोधी दो वर्ष पहले वृंदावन आए थे।
संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेकर उन्होंने अपना नाम रसिक दुलारी शरण रख लिया। वह आश्रम के बराबर में स्थित अपार्टमेंट में ही अन्य शिष्यों के साथ रहते थे। 25 सितंबर सुबह साढ़े 10 बजे उन्होंने अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। इससे पूर्व उन्होंने कमरे में ग्राइंडर से अपना गुप्तांग काटा। उनकी मृत्यु को मां, भाई, बहन और जीजा समेत छह स्वजन ने इसे आत्महत्या मानने से इन्कार कर दिया था।
चार टीमों ने अलग-अलग स्तर पर पड़ताल करते हुए आश्रम से जुड़े 60 से अधिक साधकों के बयान दर्ज किए। जिस अपार्टमेंट में घटना हुई, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई है। यह भी पता लगाया कि घटना से पहले दीपक की गतिविधियां कैसी थीं। उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे। सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि मोबाइल की जांच रिपोर्ट आने पर ही घटना से पहले की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकती हैं।
रसिक की मृत्यु के बाद पुलिस द्वारा संरक्षित किए गए सीसीटीवी फुटेज एक के बाद एक बाहर आ रहे हैं। मृत्यु के बाद तीसरा वीडियो सोमवार को प्रसारित हुआ। इसमें जिस गुरुकृपा कुंज अपार्टमेंट से रसिक दुलारी ने आत्महत्या की, उसमें वह सीढ़ियों पर चढ़ते दिखाई दे रहे हैं। लगातार तीन फुटेज प्रसारित होने पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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