जबलपुर में बिना परमिशन क्रेन से ट्रांसफॉर्मर हटाने का प्रयास, जेई निलंबित, ठेकेदार पर FIR दर्ज
नरसिंहपुर के करेली में बिना स्वीकृति ट्रांसफॉर्मर शिफ्टिंग के मामले में जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, काम रुकवाकर ठेकेदार पर FIR दर्ज कराई गई है।
Publish Date: Sun, 01 Nov 2026 11:13:18 AM (IST)Updated Date: Sun, 01 Nov 2026 11:13:18 AM (IST)
जबलपुर में बिना परमिशन क्रेन से ट्रांसफॉर्मर हटाने का प्रयास। (नईदुनिया)HighLights
- करेली में बिना अनुमति ट्रांसफॉर्मर शिफ्टिंग का मामला।
- प्रक्रिया पूरी होने से पहले ठेकेदार ने शुरू किया काम।
- मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने क्रेन रुकवाकर जब्त किए उपकरण।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर: नरसिंहपुर जिले के करेली में बिना तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति 200 केवीए के वितरण ट्रांसफॉर्मर की शिफ्टिंग शुरू कराने का मामला सामने आया है। क्रेन की मदद से ट्रांसफॉर्मर हटाने का काम शुरू होते ही बिजली कंपनी के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और काम रुकवा दिया।
मामले में लापरवाही सामने आने पर करेली वितरण केंद्र के प्रभारी कनिष्ठ अभियंता एवं वरिष्ठ लाइन परिचारक गोविंद नरवरिया को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 138 के तहत करेली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
स्वीकृति से पहले ही ठेकेदार ने शुरू कर दिया काम
- जानकारी के अनुसार, करेली शहर वितरण केंद्र के अंतर्गत ट्रांसफॉर्मर शिफ्टिंग के लिए 28 अक्टूबर को आवेदन दिया गया था। नियमानुसार इसके लिए प्राक्कलन तैयार कर सक्षम स्तर से स्वीकृति लेना जरूरी था, लेकिन प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही 30 अक्टूबर को स्थानीय ठेकेदार ने 200 केवीए ट्रांसफॉर्मर की शिफ्टिंग शुरू कर दी।
- इसकी सूचना मिलने पर अधीक्षण अभियंता, नरसिंहपुर ने सहायक अभियंता करेली ए.के. दुबे को तत्काल मौके पर भेजा। जांच के दौरान क्रेन की मदद से ट्रांसफॉर्मर शिफ्ट करने का काम चलता मिला। सहायक अभियंता ने हस्तक्षेप कर काम बंद कराया और ठेकेदार के उपकरण जब्त कर लिए। समय रहते कार्रवाई होने से ट्रांसफॉर्मर की अनधिकृत शिफ्टिंग रुक गई।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई
- कार्यपालन अभियंता नरसिंहपुर की ओर से प्रस्तुत प्रतिवेदन और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बिजली कंपनी प्रबंधन ने प्रभारी कनिष्ठ अभियंता गोविंद नरवरिया को निलंबित करने के आदेश जारी किए। वहीं, ठेकेदार के विरुद्ध विद्युत अधिनियम की धारा 138 के तहत पुलिस में प्रकरण दर्ज कराया गया है।
- कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि बिजली वितरण व्यवस्था से जुड़े कार्यों में निर्धारित तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति अथवा तय प्रक्रिया का उल्लंघन कर काम करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।