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जबलपुर के ड्राइवरों में कार्रवाई का खौफ नहीं, आठ लाख को भेजे ई-चालान, 2.13 ने किया जमा

जबलपुर स्मार्ट सिटी का काम सिर्फ इतना ही है कि चौराहों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवर का फोटो, नंबर कैप्चर कर कंट्रोल एंड कमांड सेंटर ...और पढ़ें

By Sunil dahiyaEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Sat, 10 Oct 2026 07:19:53 PM (IST)Updated Date: Sat, 10 Oct 2026 07:19:53 PM (IST)
जबलपुर के ड्राइवरों में कार्रवाई का खौफ नहीं, आठ लाख को भेजे ई-चालान, 2.13 ने किया जमा
कोर्ट का कहना है कि लंबित चालानों के निपटारे के लिए विशेष तिथियां तय करने को कहा गया है।

HighLights

  1. अत्याधुनिक सीसीटीवी से की जा रही है निगरानी
  2. आइटीएमएस से लैस है अत्याधुनिक ट्रैफिक सिग्नल
  3. सिग्नल जंप कर नियमों को रौंदते देखे जा रहे हैं

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जबलपुर स्मार्ट सिटी द्वारा चौराहे के ट्रैफिक सिग्नल को आइटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) से लैस कर अत्याधुनिक बनाया गया। यातयात के नियम तोड़ने वालों की निगरानी अत्याधुनिक सीसीटीवी से की जा रही है।

ड्राइवरों को भेजे जा रहे हैं ई-चालान

सिग्नल जंप करने, हेलमेट न लगाने और ट्रिपल सवारी बैठाने वाले ड्राइवरों को ई-चालान भी भेजे जा रहे हैं बावजूद इसके यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों में चालानी कार्रवाई खौफ नहीं है। मुख्य चौराहों पर अब भी कुछ ड्राइवर सिग्नल जंप करते और नियमों को रौंदते देखे जा रहे हैं।


ई-चालान भेजती है, जुर्माना वसूल नहीं कर पाती पुलिस

कारण साफ है कि पुलिस ई-चालान तो भेजती है परंतु जुर्माना वसूल नहीं कर पा रही है। हाल ये है कि वर्ष 2019 से सितंबर 2026 तक करीब 8 लाख वाहन चालकों को नियमों का उल्लंघन करने पर 28 करोड़ रुपये के ई-चालान भेजे गए, लेकिन वसूली महज 7 करोड़ 75 लाख रुपये की हुई।

19 करोड़ रुपये अब भी बकाया है

केवल 2 लाख 13 हजार वाहन चालकों ने ही जुर्माना जमा किया। 19 करोड़ रुपये अब भी बकाया है। सवाल यह है कि जब चालान भरने की बाध्यता ही प्रभावी नहीं है, तो नियम तोड़ने वालों में कार्रवाई का डर कैसे पैदा होगा? हालांकि अब अधिकारी शासन को प्रस्ताव भेजने की बात कह रहे हैं।

स्मार्ट सिटी और पुलिस के पास सख्ती के अधिकार नहीं

ई-चालान जनरेट होने के बाद भी चालान जमा न होने का कारण ये भी माना जा रहा है कि स्मार्ट सिटी और यातायात पुलिस के पास वसूली के पर्याप्त अधिकार नहीं हैं। जबलपुर स्मार्ट सिटी का काम सिर्फ इतना ही है कि चौराहों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवर की फोटो, नंबर कैप्चर कर कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के जरिये पुलिस के पोर्टल में अपलोड कर देती है।

चौथी बार में लाइसेंस व पंजीयन निरस्तीकरण की अनुशंसा

ट्रैफिक पुलिस इसके आधार पर संबंधितों के ई-चालान कर एसएमएस के माध्यम से भेजती है। बताया जाता है कि पहली बार चालानी राशि जमा न करने पर पुलिस दोबारा और फिर तीसरी बार फिर रिमाइंडर भेजती है और फिर जिला परिवहन अधिकारी से लाइसेंस व पंजीयन निरस्तीकरण की अनुशंसा करती है।

पुलिस के पास सख्ती करने के खास अधिकार नहीं

जिला परिवहन अधिकारी पुलिस की अनुशंसा पर कार्रवाई करते हैं। परंतु कार्रवाई का आंकड़ा सीमित है। इस तरह स्मार्ट सिटी और पुलिस के पास सख्ती करने के खास अधिकार नहीं है। नतीजतन नियम तोड़े जा रहे हैं और चालानी कार्रवाई शिथिल है।

कोर्ट के निर्देश के बाद उठाएं जा रहे ठोस कदम

विदित हो कि यातायात व्यवस्था से जुड़ा ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। कोर्ट का कहना है कि ई-चालान व्यवस्था का उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना नहीं, बल्कि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। यदि चालान पेंडिंग रहेंगे तो इसका भय समाप्त हो जाएगा और लोग नियम तोड़ने से नहीं डरेंगे।

कोर्ट ने कहा-चालानों के निपटारे के लिए विशेष तिथियां तय

कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वे परिवहन विभाग के साथ समन्वय कर वाहन पंजीयन और ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण के समय बकाया चालानों की वसूली को अनिवार्य बनाएं। इसके साथ ही राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से लंबित चालानों के निपटारे के लिए विशेष तिथियां तय करने को कहा गया है।

वाहन जब्ती और लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई पर विचार

लिहाजा जबलपुर में अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन के लिए कार्ययोजना तैयार करने की बात कही जा रही है। भुगतान न करने वालों के खिलाफ वाहन जब्ती और लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

ऐसे दिखे नजारे

रामपुर चौराहा

समय : 2:45 बजे

चौराहे पर लगा ट्रैफिक सिग्नल रेड हो गया। ड्राइवर जेब्रा क्रासिंग के पहले ही जहां के तहां खड़े हो गए। इसी दौरान सदर से गौरीघाट की तरफ जाने वाला सिग्नल ग्रीन हुआ तो गुजरने वाले। इसी दौरान कुछ ड्राइवर रेड सिग्नल को जंप कर गोरखपुर से गौरीघाट की तरफ जाते नजर आए, जिससे कारण कुछ देर के लिए जाम के हालात भी बने।

पर्यटन तिराहा

समय- 1:21 बजे

पर्यटन विकास विभाग तिराहे का सिग्नल बंद रहा। सिग्नल में कभी ग्रीन बत्ती जलती तो कभी रेड और येलो। पुल नंबर दो की तरफ से आने वाले ड्राइवर रेड सिग्नल देखकर रुके रहे वहीं क्राइस्ट चर्च स्कूल और कलेक्ट्रेट की तरफ से वाहन गुजरते रहे। इस दौरान पुल नंबर दो की तरफ खड़े ड्राइवर भी सिग्नल की परवाह किए गए गुजरने लगे जिससे कुछ भिड़ते-भिड़ते बचे।

ई-चालान वसूली पर एक नजर : (2029 से 2026)

  • 19 सिग्नल सेटअप लगे हैं शहर में
  • 2019 में आइटीएमएस से सिग्नल हुए लैस
  • 08 वाहन चालकों को यातायात नियम तोड़ने पर जारी हुए ई-चालान
  • 28 करोड़ रुपये के चालान जनरेट हुए
  • 2.13 लाख ड्राइवरों ने ही किया जमा
  • 7.75 करोड़ शासन के खाते में जमा हुए
  • 19 करोड़ रुपये की वसूली अब भी बकाया

वर्ष 2019 से 2026 तक 28 करोड़ रुपये के ई-चालान जनरेट हुए हैं। जबकि वसूली 7 करोड़ 75 लाख ही हो पाई है। चालान जनरेट करने और वसूली के अधिकार पुलिस के पास है। विभाग द्वारा इसका रिव्यू किया जा रहा है।

अंकुर खरे, तकनीकी अधिकारी स्मार्ट सिटी

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