
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। त्योहारों के दौरान लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ नईदुनिया की मुहिम का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है।
पिछले सात दिनों में नईदुनिया ने मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्री में मिलावट, दुकानों के भीतर गंदगी, अस्वच्छ रसोई और एक्सपायरी डेट के खाद्य पदार्थों की बिक्री जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रिय हुआ और शहर से लेकर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार जांच और कार्रवाई शुरू की गई। दीपावली के पहले अभियान के तहत जिले में करीब 54 खाद्य नमूने लिए गए, जिन्हें जांच के लिए भोपाल भेजा गया है। वहीं, गंदगी मिलने पर एक होटल को सील करने की कार्रवाई भी की गई।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिठाई कारोबार से जुड़े कई प्रतिष्ठानों में पहुंचकर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच की। इसमें बडकुल, हीरा, चंद्रकला, केशरवानी और बीकानेर स्वीट्स जैसे प्रतिष्ठान शामिल रहे। यहां मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्री के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए।
पंकज खोवा भंडार, जैन खोवा, मोदी खोवा और महावीर दूध भंडार में भी जांच कर नमूने लिए गए। विभाग की कार्रवाई का दायरा केवल दुकानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उसके रखरखाव की स्थिति भी जांच के दायरे में लाई गई।
नईदुनिया ने अपनी पड़ताल में दुकानों और होटलों के भीतर की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। खासतौर पर ऐसी जगहों को सामने लाया गया, जहां ग्राहकों को परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों की तैयारी और भंडारण में स्वच्छता के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक होटल में छापा मारकर गंदगी और अस्वच्छ परिस्थिति मिलने पर उसे सील कर दिया। इस कार्रवाई से स्पष्ट हुआ कि खाद्य सुरक्षा का मुद्दा केवल मिलावट तक सीमित नहीं है, बल्कि भोजन तैयार करने की जगह, बर्तनों की सफाई और खाद्य सामग्री के सुरक्षित रखरखाव की निगरानी भी जरूरी है।
दीपावली के मद्देनजर प्रदेशभर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। 27 अक्टूबर तक प्रदेश में कुल 108 खाद्य नमूने लिए गए थे। इनमें से अकेले जबलपुर जिले में 54 नमूने लिए जाने की जानकारी सामने आई। इससे जिले में चलाए गए अभियान की सक्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इन नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर आगे की कार्रवाई तय होगी। दरअसल त्योहार के दौरान मिठाइयों, खोवा, दूध और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। इस दौरान मिलावट और अस्वच्छता की आशंका भी बढ़ती है। विभाग की कार्रवाई के साथ यह भी जरूरी है कि नमूनों की जांच रिपोर्ट समय पर आए और अमानक या असुरक्षित खाद्य सामग्री बेचने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई हो।
विभाग लगातार मिठाई दुकानों से लेकर होटल और रेस्टारेंट में जांच कर रहा है। यहां पर कई सैम्पल भी लिए गए, जिन्हें जांच के लिए भोपाल भेजा गया है। इनके परिणाम आने के बाद जो अमानक आएंगें उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
देवकी सोनवाने, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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