प्रदेश में नियम विरुद्ध संचालित हो रहे अस्पताल, जबलपुर हाईकोर्ट ने सरकार को रिपोर्ट पेश करने के दिए निर्देश
जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से नियम विरुद्ध संचालित अस्पतालों की रिपोर्ट मांगी है।
Publish Date: Wed, 16 Sep 2026 07:46:20 AM (IST)Updated Date: Wed, 16 Sep 2026 07:46:20 AM (IST)
हाईकोर्ट ने नियम विरुद्ध संचालित अस्पतालों की मांगी रिपोर्ट, फाइल फोटोHighLights
- नियम विरुद्ध अस्पतालों के संचालन का मामला
- जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट
- लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन अध्यक्ष ने दाखिल की याचिका
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की युगलपीठ ने नियम विरुद्ध संचालित अस्पतालों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश राज्य सरकार को दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई दो नवंबर को होगी।
लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल ने वर्ष 2022 में जनहित याचिका दायर कर कोरोनाकाल में नियमों की अनदेखी कर निजी अस्पतालों को संचालन की अनुमति दिए जाने को चुनौती दी थी।
लाइसेंस में की गई लापरवाही
याचिका में आरोप लगाया गया कि कई अस्पतालों को लाइसेंस जारी करते समय नेशनल बिल्डिंग कोड, फायर सेफ्टी, बिल्डिंग कंप्लीशन सर्टिफिकेट, अग्निशामक वाहनों के लिए छह मीटर खुला क्षेत्र और पार्किंग की अनिवार्यताओं की जांच नहीं की गई।
याचिका लंबित रहने के दौरान अगस्त 2022 में न्यू लाइफ अस्पताल जबलपुर में अग्निकांड हुआ, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई। याचिका के अनुसार, अस्पताल में आपातकालीन निकास की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को बाहर निकलने में कठिनाई हुई।
शासन की उच्चस्तरीय जांच समिति ने तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका को भी जिम्मेदार पाया। याचिकाकर्ता ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पूर्व सुनवाई में युगलपीठ ने अग्निकांड की जांच समिति की रिपोर्ट पुलिस को सौंपने के निर्देश दिए थे। अब कोर्ट ने नियम विरुद्ध अस्पतालों के खिलाफ हुई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।