
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। दीवाली पर घर जाने और त्योहार मनाकर लौटने वाले यात्रियों की भीड़ ने रेलवे की व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ा दिया है। जबलपुर आने वाली ज्यादातर ट्रेनों में रविवार तक कन्फर्म टिकट उपलब्ध नहीं हैं।
मुख्य रेलवे स्टेशन पर पहली बार ड्रोन कैमरे से निगरानी शुरू की गई है। आरपीएफ ने स्टेशन के ऊपर ड्रोन उड़ाकर सर्कुलेटिंग एरिया, यार्ड और संवेदनशील स्थानों की हवाई निगरानी की।
अब तक स्टेशन की निगरानी अभी सीसीटीवी कैमरों और प्लेटफार्म पर तैनात जवानों के जरिए होती थी, लेकिन ड्रोन से एरियल व्यू मिलने के कारण निगरानी का दायरा बढ़ जाएगा।
स्टेशन की ओर आने वाले वाहनों, यात्रियों की भीड़ और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ सर्कुलेटिंग एरिया की व्यवस्थाओं को नियंत्रित करना भी आसान होगा।
फुट ओवरब्रिज, प्लेटफार्म की छत और ट्रेनों के ऊपर की स्थिति पर भी नजर रखी जा सकेगी। आरपीएफ के 22 जवानों ने ड्रोन संचालन की ट्रेनिंग ली है। त्योहार के दौरान दीपावली के एक दिन बाद तक ड्रोन से निगरानी जारी रहेगी।
आरपीएफ थाना प्रभारी राजीव खरब ने बताया कि भीड़ नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई के लिए स्टेशन पर एसआई के नेतृत्व में चार सदस्यीय क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) बनाई गई है। यह टीम तीन पारियों में 24 घंटे सक्रिय रहेगी।
किसी भी शिकायत, संदिग्ध गतिविधि या अव्यवस्था की सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंचेगी। प्लेटफार्म पर आरपीएफ के साथ होमगार्ड जवान भी तैनात किए गए हैं। सीसीटीवी और डाग स्क्वाड से भी जांच की जा रही है।
जबलपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शशांक गुप्ता ने बताया कि यात्री दबाव को देखते हुए टिकट काउंटरों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जबलपुर सहित प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त टिकट काउंटर, हेल्प डेस्क और होल्डिंग एरिया की व्यवस्था की गई है।
यात्रियों को एटीवीएम और एम-यूटीएस मोबाइल ऐप से अनारक्षित टिकट लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। भीड़ प्रबंधन, उद्घोषणा, खानपान और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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