
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जबलपुर में आग का खतरा बढ़ रहा है और इसके साथ ही अग्निशमन व्यवस्था की चुनौतियां भी बड़ी हैं। हाल ही में शहर में ऐसे अग्नि हादसे हुए जिसने नागरिक सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। अग्नि हादसों से निपटने नगर निगम का अमला तो मुस्तैद है, दमकलकर्मी तैयार हैं, लेकिन संसाधनों की कमी बनी हुई है।
तेजी से फैलते शहर और बढ़ती आबादी के मुकाबले समय पर घटना स्थल तक पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है। निगम मुख्यालय में फायर स्टेशन और आईएसबीटी में एक दमकल वाहन की तैनाती के बीच कुंडम-पाटन जैसे दूरस्थ इलाकों में आग लगने पर त्वरित पहुंच बड़ी चुनौती है। बड़े अग्निहादसे की स्थिति में पानी खत्म होने पर टैंकरों को बार-बार भरने की मजबूरी राहत कार्य की रफ्तार पर असर डाल रही है।
त्योहारों के दौरान बाजारों की भीड़ और सड़कों पर बढ़ते दबाव के बीच दमकल वाहनों के लिए घटनास्थल तक पहुंचना भी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। नगर निगम का दमकल विभाग भी दमकल कर्मी और संसाधनों की कमी स्वीकार रहा है। फिलहाल नगर निगम के दमकल के पास जो मानव व मशीनरी संसाधन उपलब्ध है। उसी के अनुसार त्योहार में चौकसी का दावा किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें- नवरात्र में बड़ी कार्रवाई : जबलपुर में तेज आवाज में डीजे बजाना पड़ा महंगा, संचालकों के पास नहीं थी अनुमति
विस्तारित होते शहर और आबादी के हिसाब से मानव व मशीनरी संसाधन कम पड़ रहे हैं। प्रयास किए जा रहे हैं। त्योहार के दौरान अग्नि हादसे से निपटने हमारी तैयारी पूरी है। मुख्यालय से दूर अग्नि दुर्घटना को जल्द कंट्रोल करने कठौंदा में नया फायर सब स्टेशन लगभग तैयार हो चुका है, जबकि रांझी जलशोधन संयंत्र परिसर में करीब 54 लाख रुपये की लागत से फायर स्टेशन का निर्माण तेजी से जारी हैं। - कुशाग्र ठाकुर, अग्निशमन अधिकारी