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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जबलपुर से इटारसी का 4 घंटे का सफर 14 में पूरा

जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि जबलपुर से सोमवार की सुबह-सुबह रवाना हुई 01656 पुणे स्पेशल ट्रेन रात तक 245 किलोमीटर दूर इटारसी का सफर तय नहीं कर पाई। इटारस...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Tue, 18 Feb 2020 04:02:13 AM (IST)Updated Date: Tue, 18 Feb 2020 04:02:13 AM (IST)
जबलपुर से इटारसी का 4 घंटे का सफर 14 में पूरा

जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जबलपुर से सोमवार की सुबह-सुबह रवाना हुई 01656 पुणे स्पेशल ट्रेन रात तक 245 किलोमीटर दूर इटारसी का सफर तय नहीं कर पाई। इटारसी के पहले बागरातवा और सोनतलाई रेलवे स्टेशन के बीच रेल लाइन दोहरीकरण के लिए नॉन इंटरलॉकिंग कार्य किया जा रहा है। इसी वजह से 28 ट्रेनों को कटनी बीना मार्ग से परिवर्तित कर चलाया जा रहा था लेकिन रेलवे के अधिकारियों ने जबलपुर-पुणे स्पेशल ट्रेन को इटारसी मार्ग से भेज दिया। इसका खामियाजा यात्रियों को उठाना पड़ा। ट्रेन नरसिंहपुर के बाद हर स्टेशन में 1 से 2 घंटे खड़े होते-होते बागरातवा स्टेशन के पहले गुरमखेड़ी जैसे छोटे स्टेशन और जंगली इलाके में खड़ी हो गई।

पुणे स्पेशल ट्रेन प्रति सप्ताह सोमवार को सुबह 7.45 पर रवाना होकर सुबह 11.55 पर इटारसी पहुंच जाती है, लेकिन इस सोमवार ऐसा नहीं हुआ। रास्ते में घंटों रुकने के कारण ट्रेन में पानी व ऐसी की व्यवस्थाएं भी ठप होने लगीं। यात्री जब तड़पने लगे तो रेल मंत्रालय तक कई ने ट्वीट कर शिकायत कर दी, लेकिन वहां से यही जबाव मिला कि आगे एनआई का कार्य चल रहा है। इस संबंध में मंडल और जोन के अधिकारियों के पास जानकारी लेने के लिए फोन की घंटियां बजती रहीं लेकिन किसी ने भी फोन रिसीव करना सही नहीं समझा। अंत में खड़े-खड़े रात 9 बजे यह ट्रेन गुरमखेड़ी से रवाना हुई और 14 घंटे बाद रात 10 बजे इटारसी पहुंची।


यात्रियों का घुटने लगा दमः

ट्रेन के बी-1 और बी-2 कोच के 59 व 62 बर्थ पर सफर कर रहे भाई-बहन अभिनव सक्सेना और अनुकृति सक्सेना जिनका पीएनआर नंबर 8730315102 था उन्होने बताया कि पहले पिपरिया स्टेशन में फिर 6 से 7 घंटे तक गुरमखेड़ी में ट्रेन खड़ी रही। इस कोच का ऐसी भी बंद हो गया जिसके कारण सभी यात्रियों को बंद कोच में घुटन महसूस होने लगी। यात्रियों का खाना और पानी भी खत्म हो गया, लेकिन जंगल में बने स्टेशन में कहीं कुछ नहीं था। रेलवे की इस सुविधा से यात्रियों को असुविधा हुई जिसके कारण सभी यात्रियों का रेलवे के प्रति जमकर आक्रोश दिखाई दिया।

आखिर क्यों भेजी ट्रेनः

यात्रियों का सीधा सवाल था कि जब इस रूट पर कार्य चल रहा है और ट्रेन आगे समय पर नहीं जा सकती तो उन्हे ट्रेन भेजना ही नहीं था। जबलपुर-इंदौर ओवरनाइट ट्रेन जो कि रात में चलती है जब उसे कटनी होकर चलाया जा रहा है तो पुणे स्पेशल ट्रेन को इटारसी होकर भेजने का निर्णय किसका था। यह निर्णय लेने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई होना चाहिए।

वर्जन

जबपलुर-पुणे स्पेशल ट्रेन के बागरातवा के पास रुके होने और यात्रियों के परेशान होने की शिकायत रेलवे के पास आई है। इस मामले में जबलपुर मंडल रेल प्रबंधक ने संज्ञान लिया है।

-प्रियंका दीक्षित, सीपीआरओ