श्रीधाम, डुंडी और बेलखेड़ा से मंगवाए 11 कोच, अब भोपाल भेजने की तैयारी
जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए रेलवे ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है। जबलपुर रेल मंडल की सीमा में आने वाले सभी रेल हॉस्पिटल में आ ...और पढ़ें
By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Tue, 31 Mar 2020 11:06:35 AM (IST)Updated Date: Tue, 31 Mar 2020 11:06:35 AM (IST)

जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि
कोरोना वायरस से लड़ने के लिए रेलवे ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है। जबलपुर रेल मंडल की सीमा में आने वाले सभी रेल हॉस्पिटल में आइसोलेशन वार्ड तैयार कर लिए गए हैं तो वहीं ट्रेन के कोच को भी आइसोलेशन वार्ड में तब्दील किया जा रहा है। जबलपुर रेल मंडल से 11 कोच का एक रैक तीन दिन पहले ही भोपाल कोच फैक्ट्री रवाना कर दिया। अब 11 कोच का दूसरा रैक भी भोपाल भेजने की तैयारी शुरू हो गई है। जबलपुर रेल मंडल के मैकेनिकल और परिचालन विभाग ने मंडल की सीमा में आने वाले श्रीधाम स्टेशन, डुंडी स्टेशन और बेलखेड़ा से 11 स्लीपर-एसी कोच मंगवाकर जबलपुर यार्ड में खड़े कर दिए हैं।
पहला रैक तैयार होते ही दूसरा होगा रवाना
पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल स्थित कोच निर्माण फैक्ट्री में इन दिनों पुराने मॉडल के कोचों को आइसोलेशन वार्ड में बदलने का काम जोर-शोर से चल रहा है। जबलपुर मंडल से भेजे गए 11 कोच को भी आइसोलेशन वार्ड में बदलने का काम लगभग पूरा हो गया है। जैसे ही यह कोच तैयार होकर जबलपुर रेल मंडल के पास वापस आएंगे, वैसे ही दूसरा 11 कोच का रैक भोपाल रवाना कर दिया जाएगा। दरअसल, इस बार रैक में एसी के साथ स्लीपर कोच को भी शामिल किया गया है, ताकि दोनों तरह के कोचों को आइसोलेशन वार्ड में बदला जा सके।
जहां जरूरत होगी, वहां पहुंचेंगे रैक
रेलवे द्वारा तैयार आइसोलेशन कोचों को फिलहाल जबलपुर में ही खड़ा किया जाएगा, लेकिन इनकी जहां जरूरत होगी, वहां इन्हें भेज दिया जाएगा। जरूरी नहीं है कि इन्हें मंडल या जोन की सीमा तक ही रखा जाए। जरूरत पड़ने पर इन्हें अन्य रेल मंडल या जोन की सीमा पर समय पर पहुंचा दिया जाएगा, ताकि समय रहते कोरोना वायरस के संक्रमण से ग्रसित लोगों को बचाया जा सके। कोच में हर वो सुविधा दी जा रही है, जो एक आइसोलेशन वार्ड में होती है। हर कोच में डॉक्टर-नर्स के केबिन से लेकर 8 केबिन आइसोलेशन वार्ड के बनाए गए हैं।