
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जबलपुर शहर के एक होटल व्यवसायी को 15 करोड़ रुपये का ऋण दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ठगने के मामले में मंगलवार को गिरफ्तार हुए शातिर बृजेश तिवारी का ठगी का जाल सिर्फ जबलपुर तक सीमित नहीं है।
मूलतः उत्तर प्रदेश प्रयागराज निवासी बृजेश ने बंगाल और प्रयागराज में भी लोगों को अपना शिकार बनाया है। आशंका है कि बृजेश के जाल में फंसे और भी लोग सामने आएंगे।
ठगी की राशि और पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है। पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क कर पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। आरोपित को मदन महल पुलिस ने मुंबई के अंधेरी वेस्ट से गिरफ्तार कर मंगलवार को जबलपुर लाया था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित बृजेश खुद को प्रभावशाली धर्मगुरुओं और प्रशासन के उच्चाधिकारियों से जुड़ा बताकर लोगों को झांसे में लेता था।
कम ब्याज पर बिना गारंटी करोड़ों का ऋण दिलाने का दावा करता और प्रोसेसिंग फीस, स्टाम्प ड्यूटी के नाम पर रकम वसूलता था। होटल व्यवसायी संजय भाटिया उर्फ नीटू से उसने 15 करोड़ का ऋण दिलाने के नाम पर नौ लाख रुपये ऐंठे। जब होटल व्यवसायी ने बाकी छह लाख देने से मना किया और रकम वापस मांगी तो बृजेश उन्हें धमकाने लगा। शातिर आरोपित रौब बताने के लिए सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ अपनी फोटो डालता था।
रुपये वापस मांगने वालों से वह कहता था कि उसकी पहुंच ऊपर तक है और धमकाता था कि वह शूटर भेजकर हत्या करा देगा। शातिर ब्रजेश ने प्रयागराज के एक शिक्षण संस्थान संचालक को भी निशाना बनाया। आरोप है कि एक शिक्षक संस्थान को डीम्ड यूनिवर्सिटी बनाने के लिए 3500 करोड़ का ऋण दिलाने का झांसा देकर लगभग 71.50 लाख रुपये ऐंठे। पुलिस आरोपी के और भी पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है।
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