जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पश्चिम मध्य रेल ने कोविड महामारी के दूसरी लहर के संक्रमण से बचाव के लिए नई पहल की शुरुआत की है। कोविड-19 के दिशा निर्देश के अनुसार दो गज की दूरी एवं मास्क लगाना अति आवश्यक हो गया है। इसी के चलते पमरे के जबलपुर मंडल पर कोविड संक्रमण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई स्टेशनों और चिकित्सालय में काउंटर कम्युनिकेशन सिस्टम लगाया गया है।

इस प्रणाली के लगने से रेल कर्मचारी और आम जनता से सीधे संपर्क नहीं रहता है। अतः यह पूरी तरह कॉन्टेक्ट लैस सर्विस है। जिससे कोविड का संक्रमण फैलने का डर नहीं रहता है। ज्यादातर रेलवे स्टेशनों पर पूछताछ कार्यालय, आरक्षण कार्यालय एवं बुकिंग कार्यालयों में पूरा ग्लॉस का उपयोग किया जाता है , जिससे लोगों की आवाज ठीक से आती नहीं है।

ठीक तरह से जानकारी एक दूसरे के बीच आ सके इसके लिए इस सिस्टम का उपयोग किया गया है। इसमें माइक्रो फोन सिस्टम लगा है। ये प्रणाली दोनों तरफ से काम करती है, अर्थात अंदर बैठे हुए रेल कर्मी और बाहर से यात्रियों के साथ दोनों तरफ से साफ आवाज सुनाई देता है। इस प्रणाली का मुख्यतः उपयोग रेलवे की पूछताछ कार्यालयों के अलावा अन्य प्रकार की सर्विस जैसे चिकित्सालय में किया जाता है। इसका उपयोग इतने सरलता से किया जाता है कि लोगों को जानकारी पूछने के लिए चिल्लाने की जरूरत नहीं पड़ती है। जिससे ध्वनि प्रदूषण कम होता है। जो कि पर्यावरण के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है।

जबलपुर मंडल के जबलपुर प्लेटफार्म नंबर 1 में 12 सिस्टम, प्लेटफार्म नंबर 6 पर 5 सिस्टम लगा है। इसके अलावा रीवा में 03 सिस्टम , गाडरवारा, नरसिंहपुर, पिपरिया, सोहागपुर, बनखेड़ी, कटनी, निवार, स्लीमनाबाद, कटनी साउथ, झुकेही, मैहर, रीवा,सागर इत्यादि में 1 सिस्टम लगा है। इसके साथ ही कटनी चिकित्सालय एवं पिपरिया चिकित्सालय में भी लगाया गया है। इस प्रकार कुल 33 स्टेशनों और चिकित्सालय को मिलाकर 51 काउंटर कम्युनिकेशन सिस्टम लगाया गया है।

Posted By: Ravindra Suhane

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