अमरकंटक एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में मिलने लगे बेडरोल, जबलपुर की ट्रेनों में अब भी इंतजार
पश्चिम मध्य रेल की स्लीपर कोच में सशुल्क बेडरोल सुविधा निजी एजेंसी नहीं मिलने से अटकी है। वहीं, अमरकंटक एक्सप्रेस में यह सुविधा यात्रियों को मिल रही ह...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 26 Jul 2026 09:02:09 AM (IST)Updated Date: Sun, 26 Jul 2026 09:02:09 AM (IST)
अमरकंटक एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में मिलने लगे बेडरोल। (फाइल फोटो)HighLights
- स्लीपर यात्रियों के लिए बेडरोल योजना फिलहाल अधर में अटकी।
- निजी एजेंसियों की रुचि नहीं मिलने से योजना रुकी रही।
- अमरकंटक एक्सप्रेस में 70 रुपये में बेडरोल सुविधा उपलब्ध है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। ट्रेन के स्लीपर श्रेणी के यात्रियों को भी एसी कोच जैसी बेडरोल सुविधा उपलब्ध कराने की पश्चिम मध्य रेल की योजना फिलहाल अधर में लटक गई है। रेल जोन के जबलपुर रेल मंडल ने करीब छह माह पहले लंबी दूरी की ट्रेनों के स्लीपर कोच में किराये पर चादर, तकिया और कंबल उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू की थी, लेकिन निजी एजेंसियों की रुचि नहीं मिलने से योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
इसके विपरीत दक्षिण पूर्व मध्य रेल ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत जबलपुर होकर चलने वाली अमरकंटक एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में यह सुविधा शुरू कर दी है, जिससे शहर से भोपाल, रायपुर और बिलासपुर की यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिलने लगी है। वहीं, जबलपुर से शुरू होने वाली ट्रेनों में यह सुविधा शुरू करने में मंडल और जोन पिछड़ गया है।
निजी एजेंसियां नहीं ले रही रुची-
- जबलपुर रेल मंडल ने स्लीपर कोच के यात्रियों को मांग के अनुसार सशुल्क बेडरोल उपलब्ध कराने की योजना बनाई थी। इसके लिए निजी एजेंसी को अनुबंध के माध्यम से जिम्मेदारी सौंपी जानी थी। एजेंसी का कर्मचारी ट्रेन में बेडरोल लेकर चलता और यात्री के पीएनआर व बर्थ नंबर के आधार पर निर्धारित शुल्क लेकर चादर, तकिया और कंबल उपलब्ध कराता।
- यह शुल्क टिकट किराये से अलग लिया जाना था। वर्तमान में केवल वातानुकूलित कोच के यात्रियों को ही टिकट के साथ बेडरोल की सुविधा मिलती है। एसी कोच में बेडरोल का शुल्क पहले से टिकट में शामिल होने के कारण व्यवस्था सुचारु रहती है। स्लीपर कोच में अलग से शुल्क वसूलने और सामग्री के रखरखाव को निजी एजेंसियां चुनौती मान रही हैं। इस सेवा में रुचि नहीं दिखा रही हैं।
70 रुपये में बेडरोल सेट
- एसईसीआर ने अमरकंटक एक्सप्रेस सहित कुछ अन्य ट्रेनों में इस व्यवस्था की शुरुआत कर दी है। अमरकंटक एक्सप्रेस में यात्रियों को 70 रुपये में दो चादर, एक तकिया और एक तकिया कवर का पैकेज उपलब्ध कराया जा रहा है।
- अलग-अलग सामान भी निर्धारित शुल्क पर उपलब्ध हैं। ट्रेन के एस-थ्री कोच में बर्थ 79 और 80 को बेडरोल अटेंडेंट के लिए आरक्षित किया गया है। नई सुविधा से यात्रियों को घर से चादर और तकिया लेकर चलने की परेशानी से राहत मिली है।
बिस्तर साथ ले जाने की मजबूरी
- जबलपुर से लंबी दूरी की गई ट्रेनें संचालित होती है। रेल मंडल ने प्रारंभिक रूप से जबलपुर-श्रीमाता वैष्णो देवी, जबलपुर-यशवंतपुर, जबलपुर-वेरावल सोमनाथ एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के स्लीपर कोच में सशुल्क बेडरोल देने की योजना बनाई थी।
- इसके बाद जबलपुर-हावड़ा शक्तिपुंज, जबलपुर-पुणे, जबलपुर-कोयंबटूर सहित अन्य ट्रेनों में भी इस सुविधा का विस्तार होना था। लेकिन एजेंसी नहीं मिलने से स्लीपर कोच के यात्रियों अभी भी बेडरोल साथ ढोने के लिए विवश है।
दक्षिण रेलवे पहला, एसइसीआर दूसरा
- दक्षिण रेलवे इस वर्ष जनवरी माह से अपनी चुनिंदा ट्रेनों में आन-डिमांड और आन-पेमेंट बेडरोल सेवा शुरू करने वाला भारतीय रेल का पहला जोन बना था। उसी माडल पर एसईसीआर ने अमरकंटक एक्सप्रेस में सुविधा लागू कर दी। जनवरी माह में ही पहल करने के बावजूद पश्चिम मध्य रेल का जबलपुर मंडल अभी तक निजी वेंडर नहीं मिलने के कारण पीछे रह गया है।
- इससे जबलपुर से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले स्लीपर श्रेणी के यात्रियों को अभी भी इस सुविधा का इंतजार है। जबलपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम डा. मधुर वर्मा के अनुसार निजी एजेंसियों से प्रस्ताव मांगे गए थे। कोई एजेंसी के सामने नहीं आने के कारण योजना को शुरू नहीं किया जा सका। सुविधा प्रारंभ करने के लिए एजेंसी की तलाश जारी है।
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